Sonam Wangchuk News: केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि उसने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी रद्द करने का फैसला किया है। वांगचुक को पिछले सितंबर में लेह में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया था।

केंद्र सरकार ने एक बयान जारी कर कहा, “सोनम वांगचुक को एनएसए के प्रावधानों के तहत 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। सोनम वांगचुक उक्त अधिनियम के तहत हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय व्यतीत कर चुके हैं। सरकार लद्दाख में विभिन्न हितधारकों और सामुदायिक नेताओं के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है ताकि क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं का समाधान किया जा सके। हालांकि, बंद और विरोध प्रदर्शनों का मौजूदा माहौल समाज के शांतिप्रिय स्वभाव के लिए हानिकारक साबित हुआ है और इसने छात्रों, नौकरी चाहने वालों, व्यवसायों और पर्यटकों सहित समुदाय के विभिन्न वर्गों और समग्र अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।”

केंद्र सरकार ने अपने बयान में आगे कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 17 मार्च तक स्थगित की थी

इस हफ्ते की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने ने वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 17 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही के दौरान, सरकारी अधिकारियों ने अदालत को बताया कि वांगचुक की टिप्पणियों ने युवाओं को नेपाल और बांग्लादेश में देखे गए आंदोलनों के समान विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया था और यहां तक ​​कि अरब स्प्रिंग के समान एक विद्रोह का भी जिक्र किया था। सरकार का तर्क था कि ऐसे बयान रणनीतिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं।

सोनम वांगचुक को क्यों हिरासत में लिया गया था?

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पिछले साल 26 सितंबर को लद्दाख पुलिस ने हिरासत में ले लिया। राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर केंद्र के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (एलएबी) द्वारा बुलाए गए बंद के हिंसा भड़क उठी थी जिसमें चार लोगों की मौत हो गयी और 90 घायल हो गए थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंसा के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया। पढ़ें पूरी खबर…