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जवानों की शिकायत के लिए मोबाइल ऐप तैयार कर रहा केंद्र, तो BSF ने ड्यूटी पर सेलफोन कर दिया बैन

बीएसएफ ने बताया कि कॉन्स्टेबल को पहले भी फोन रखने की इजाजत नहीं थी, बस इस नियम का सख्ती से पालन नहीं हो रहा था

जो ऐप तैयार की जा रही है उसमें गोपनियता को लेकर अलग से सिक्योरिटी फीचर्स होंगे

सोशल मीडिया पर सेना के जवानों की शिकायत वाली वीडियो का मुद्दा गर्माने के बाद एक तरफ केंद्र सेंट्रल आर्म्ड पैरामिलिट्री फोर्स (CAPF) जवानों की शिकायतों के लिए एक मोबाइल ऐप तैयार करने की योजना बना रहा है, वहीं बोर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने ड्यूटी पर सेलफोन के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है। बीएसएफ ने एक आदेश जारी कर कहा है कि फील्ड में मौजूद सभी कंपनी कमांडरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सेना का कोई भी कॉन्स्टेबल ड्यूटी पर सेलफोन ना लेकर जाए। जहां गृह मंत्रालय ने कहा कि बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव द्वारा खाने की शिकायत वाली वीडियो जारी किए जाने के बाद यह फैसला जरूरी था, वहीं बीएसएफ ने बताया कि कॉन्स्टेबल को पहले भी फोन रखने की इजाजत नहीं थी, बस इस नियम का सख्ती से पालन नहीं हो रहा था।

अधिकारियों के मुताबिक, केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि 7.2 लाख सीएपीएफ सिपाहियों के लिए ऐप तैयार करवाने हेतु परामर्श ले रहे हैं। यह प्रोजेक्ट नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा तैयार किया जाएगा और ऐप जल्द ही डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी। मंत्रालय के अधिकारियों ने साफ किया कि अगर अर्धसैनिक बल ड्यूटी पर फोन ले जाने पर रोक लगाती है तो जवान इस ऐप पर अपनी शिकायतें ड्यूटी खत्म होने के बाद भेज सकेंगे। एक अधिकारी ने बताया, “हालांकि इसमें एक नुकसान यह होगा कि जवान अथॉरिटी के सामने तस्वीरें या रिकॉर्डिंग पेश नहीं कर पाएंगे।”

जो ऐप तैयार की जा रही है उसमें गोपनियता को लेकर अलग से सिक्योरिटी फीचर्स होंगे। बताया जा रहा है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रोजेक्ट को खत्म करने के लिए तीन माह की डेडलाइन रख दी है। इसके अलावा प्रत्येक जवान का सेलफोन नंबर इक्ट्ठा करने का काम भी अलग से चलाया जा रहा है। मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया, “इस ऐप में एक फिल्टर होगा ताकि मंत्रालय में पुष्टि होने के बाद शिकायत को सीधे संबंधित अधिकारी के समक्ष भेजा जाए।”

केंद्र सरकार जवानों की शिकायत के लिए तैयार कर रही मोबाइल ऐप; BSF ने ड्यूटी पर बैन किए सेलफोन

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