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अयोध्या में राम मंदिर के लिए विवादित स्थल का अधिग्रहण करे मोदी सरकार: विहिप

विहिप ने केंद्र सरकार से उस विवादित स्थल का अधिग्रहण करने को कहा जहां 1992 में हिंदुत्व कार्यकर्ताओं की ओर से बाबरी मस्जिद विध्वंस किया गया था..

Author नई दिल्ली | September 30, 2015 8:51 PM
विहिप ने केंद्र सरकार से उस विवादित स्थल का अधिग्रहण करने को कहा जहां 1992 में हिंदुत्व कार्यकर्ताओं की ओर से बाबरी मस्जिद विध्वंस किया गया था। (पीटीआई फोटो)

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण पर जोर देते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने आज इस मकसद के लिए केंद्र सरकार से उस विवादित स्थल का अधिग्रहण करने को कहा जहां 1992 में हिंदुत्व कार्यकर्ताओं की ओर से बाबरी मस्जिद विध्वंस किया गया था।

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी विहिप के संरक्षक अशोक सिंघल की इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी के 2014 के घोषणा-पत्र में मंदिर निर्माण का वादा किया गया था और मोदी सरकार को इस बाबत कदम उठाना चाहिए।

बहरहाल, दोनों नेताओं ने हालांकि एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आगे की कार्रवाई पर फैसला करने से पहले वह इस संवेदनशील मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का इंतजार करेंगे। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘जनहित के उद्देश्य से सरकार बाबरी मस्जिद की जमीन और भवन के अधिग्रहण के लिए बाबरी मस्जिद मठवली (वंशानुगत पर्यवेक्षक) को एक नोटिस जारी कर सकती है और (मुसलमानों को) मस्जिद बनाने के लिए किसी और स्थान की पेशकश कर सकती है, जो शायद सरयू नदी के पार हो।’’

स्वामी ने एक बयान में कहा, ‘‘राम मंदिर के निर्माण में कोई बाधा नहीं है……सरकार को पहल करनी चाहिए। भाजपा के घोषणा-पत्र में भी इस बारे में लिखा गया था।’’

लोगों में ‘‘जागरूकता फैलाने’’ के लिए वे जनवरी में एक सेमिनार का आयोजन करेंगे जिसमें फिर से मंदिर बनाने पर चर्चा की जाएगी।

विराट हिंदुस्तान संगम के अध्यक्ष स्वामी ने 1994 में कथित तौर पर तत्कालीन सरकार की ओर से उच्चतम न्यायालय में जमा किया गया एक कथित हलफनामा भी साझा किया जिसमें कहा गया है कि यदि वहां किसी मंदिर के अस्तित्व में होने की बात स्थापित हो जाती है तो वह ‘‘हिंदू समुदाय की इच्छा के समर्थन’’ में कदम उठाएगी।

स्वामी और विहिप महासचिव चंपत राय ने दावा किया कि खनन की रिपोर्टों में कहा गया है कि वहां एक मंदिर हुआ करता था। स्वामी ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था और मंदिर निर्माण के लिए कई सुझाव दिए थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कोई जवाब नहीं मिला है। मैं बिहार विधानसभा चुनाव के बाद फिर इस मुद्दे को उठाऊंगा।’’

उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से भी कहा था कि वह इस मसले पर भाजपा की राष्ट्रीय परिषद का एक विशेष सत्र आहूत करें।

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