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बिना इजाज़त सरकारी घर में रह रहे बिरजू महाराज, जतिन दास जैसे कई दिग्गज, सरकार बोली- अब खाली नहीं किया तो वसूलेंगे करोड़ों का बकाया और जुर्माना

बिरजू महाराज ने सरकार के इस फैसले को चौंकाने वाला बताया, साथ ही खुद को मिले सारे अवॉर्ड्स लौटाने की धमकी दी।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: November 19, 2020 8:55 AM
Birju Maharaj, Kathak Dancerकत्थक डांसर बिरजू महाराज ने कहा है कि अगर उन्हें आवास से निकाला गया, तो वे सारे अवॉर्ड वापस कर देंगे। (फाइल फोटो)

देश के 27 जाने-माने कलाकारों को अब सरकार ने दिल्ली स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। पिछले चार दशक में केंद्र ने कई बड़े आर्टिस्ट्स को रहने के लिए बंगले मुहैया कराए थे। हालांकि, आवंटन की समयसीमा से ज्यादा समय तक रहने के बाद अब उन्हें 31 दिसंबर तक इन आवासों को खाली करने के लिए कहा गया है। जिन कलाकारों के लिए यह नोटिस जारी किया गया है, उनमें लोकप्रिय कत्थक डांसर पंडित बिरजू महाराज, संतूर वादक पंडित भजन सोपोरी और पेंटर जतिन दास जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

बताया गया है कि इन सभी कलाकारों के सरकारी आवास में रहने की समयसीमा 2014 में ही खत्म हो गई थी। इसके बावजूद वे पिछले छह सालों से इन्हीं घरों में रह रहे थे। इसके लिए इन सभी कलाकारों पर 32.09 करोड़ रुपए का डैमेज चार्ज बनता है। हालांकि, सरकार ने इस राशि को माफ करने का फैसला किया है। संस्कृति मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल का कहना है कि यह नीति काफी पहले से चली आ रही है और यह साफ है कि 60 साल की उम्र के बाद या लगातार दो बार तीन-तीन साल तक सरकारी बंगलों में रहने के बाद इनमें कोई नहीं रह सकता। साथ ही इनमें रहने वालों का वेतन प्रतिमाह 20 हजार रुपए से ज्यादा नहीं होना चाहिए। लेकिन लोग इन सरकारी आवासों में पिछले 12 से 35 साल से रह रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने पेनल्टी माफ करने का फैसला किया है, पर अगर वे बंगलों में रहते हैं, तो उनसे कमर्शियल रेट्स पर किराया वसूला जाएगा। बता दें कि 1970 के दशक से 40 से 60 साल के बीच के कलाकारों के लिए संस्कृति मंत्रालय के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार तीन साल के लिए बेहद कम दर पर सरकारी आवास मुहैया कराती रही है।

द हिंदू अखबार के मुताबिक, 8 नवंबर को एक बैठक में CCA ने फैसला किया था कि इन सरकारी आवासों के आवंटन को नए सिरे से शुरू किया जाएगा, क्योंकि 2014 के बाद से ही सरकार ने इनके आवंटन की मंजूरी देना बंद कर दिया था। इसके चलते कलाकारों पर समयसीमा से ज्यादा समय तक रहने के लिए लगने वाला डैमेज चार्ज माफ किया जाएगा। पर दो करोड़ रुपए की लाइसेंस फीस वसूली जाएगी और 21 कलाकारों से 31 दिसंबर तक बंगले खाली करने के लिए कहा जाएगा। छह कलाकार पहले ही इन आवासों को खाली कर जा चुके हैं।

बिरजू महाराज ने सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी। 1978 से सरकारी आवास में रह रहे महाराज ने कहा कि यह चौंकाने वाला था कि सरकार ने उनका आवंटन अचानक से ही रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें शाहजहां रोड पर आवंटित घर से निकालने की कोशिश की, तो वे खुद को मिले सारे अवॉर्ड्स लौटा देंगे। उन्होंने कहा कि कलाकारों ने सालों तक देश की सेवा की है और अब उन्हें बुजुर्ग होने के बाद घरों से निकाला जा रहा है।

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