सेंट्रल रेलवे ने गर्मी की छुट्टियों में होने वाली अतिरिक्त भीड़ को मैनेज करने के लिए 2100 से ज्यादा समर स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। ये स्पेशल ट्रेन सर्विस 15 अप्रैल से शुरू होकर 31 जुलाई तक चलेंगी। इनमें से 735 ट्रेनों को अनारक्षित जबकि 624 ट्रेनों को आरक्षित सर्विसेज के तहत चलाया जाएगा। सेंट्रल रेलवे ने X (Twitter) पर समर स्पेशल ट्रेनों से जुड़ी यह जानकारी साझा की।
पोस्ट में कहा गया है, ”यात्रियों की सुविधा के लिए मुंबई और पुणे से 2100 से अधिक समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। महाराष्ट्र के लिए 735 अनारक्षित और 624 आरक्षित ट्रेनें शामिल हैं।”
रेलवे ने यह भी कहा कि यात्रियों के लिए गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रा को आसान बनाने के लिए इन विशेष ट्रेनों की योजना बनाई जा रही है।
इन रूट्स को कवर करेंगी ये विशेष ट्रेनें
महाराष्ट्र में ये ट्रेनें मुंबई/दौंड से सोलापुर, पुणे से कोल्हापुर, नासिक रोड से बदनेरा और हडपसर से हरंगुल जैसे रूटों पर चलेंगी। वहीं महाराष्ट्र के बाहर यात्रा के लिए विशेष ट्रेनें मुंबई से बलिया और गोरखपुर, दौंड से कलबुर्गी व सोलापुर से कलबुर्गी और अनकापल्ले जैसे रूटों को जोड़ेंगी।
रेलवे ने यह भी बताया कि इनमें पहले से चल रही ‘ट्रेन्स ऑन डिमांड’ के साथ-साथ पीक ट्रैवल पीरियड के लिए अतिरिक्त ट्रेनें भी शामिल हैं।
सेंट्रल रेलवे के मुताबिक, इन अतिरिक्त ट्रेनों के चलने से यात्री गर्मियों की छुट्टियों के व्यस्त सीजन में अपनी यात्रा ज्यादा आसानी से प्लान कर सकेंगे।
2025-26 में 76,352 स्पेशल ट्रेनें
हाल ही में भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए अपनी ओवरऑल परफॉर्मेंस से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। लोकसभा सत्र के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पूरे साल में कुल 76,352 विशेष ट्रेनें चलाई गईं। देशभर में रोजाना करीब 25,000 ट्रेनें ऑपरेट की जा रही हैं।
वैष्णव ने कहा, ”कल समाप्त हुए वित्त वर्ष में रिकॉर्ड 76,352 विशेष ट्रेनें चलाई गईं। रेलवे नेटवर्क पर रोजाना 25,000 ट्रेनें चल रही हैं।”
भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई के क्षेत्र में भी मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया। एक साल में 1,670 मिलियन मीट्रिक टन सामान की ढुलाई की गई। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.25% का इजाफा है जिसका मुख्य कारण आयरन ओर और सीमेंट के परिवहन में बढ़ोतरी रहा।
सुरक्षा के मोर्चे पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में केवल 16 बड़ी रेल दुर्घटनाएं हुईं जो पिछले 50 सालों में सबसे कम हैं।
राज्यसभा में वैष्णव ने कहा कि जल्द ही 76 रेलवे स्टेशनों पर विशेष यात्री होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। इनका उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम करना है। इन क्षेत्रों में बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, शौचालय, टिकट काउंटर, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और सिक्यॉरिटी जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी जिससे पीक ट्रैवल समय में भीड़ को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।
