“किसान संगठनों में वर्चस्व की जंग”, बोले केंद्रीय मंत्री- किसानों ने भी माना स्याही के अलावा और कुछ काला नहीं, पर…

सांसद वीके सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों से छोटे किसानों को फायदा था। उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली के लिए मोदी सरकार ने काफी काम किए हैं।

VK singh, farm law, farmer protest

तीन कृषि कानूनों के वापस लेने पर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने भी मोदी सरकार का बचाव किया है। इसके साथ ही किसान संगठनों पर निशाना भी साधा है। उनके किसान संगठन वाले बयान को पार्टी की लाइन से हटकर देखा जा रहा है। सिंह ने ये बातें यूपी के बस्ती में कही है।

गाजियाबाद से सांसद वीके सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों से छोटे किसानों को फायदा था, आंदोलन में किसान संगठनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई थी। उन्होंने कहा- “कभी-कभी हम चीजों को अच्छी तरह से समझते हैं लेकिन फिर भी हम आंख बंद करके दूसरे व्यक्ति का अनुसरण करते हैं। मैंने एक किसान नेता से पूछा कि इन कानूनों के बारे में ‘काला’ क्या है जिसे आप ‘काला कानून’ कहते हैं। मैंने कहा, स्याही के अलावा और क्या काला है इन कानूनों में”।

वीके सिंह के अनुसार उनके इन सवालों पर उस किसान ने कहा- ‘मैं मानता हूं लेकिन यह अभी भी काला है’। आगे सिंह ने कहा- “इसका इलाज क्या है? कोई इलाज नहीं है। किसान संगठनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई है। किसी कारण से वे छोटे किसानों के लाभ के बारे में नहीं सोच रहे हैं। इसलिए पीएम ने कानूनों को वापस ले लिया है”।

आगे वीके सिंह ने कहा कि किसानों की खुशहाली के लिए मोदी सरकार ने काफी काम किए हैं। कृषि कानून किसानों के लिए फायदेमंद था, लेकिन राजनीति इसके ऊपर अधिक हुई। जिसके बाद सरकार ने कानून को वापस लिया है।

बता दें कि शुक्रवार को पीएम मोदी ने घोषणा की थी कि केंद्र तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने जा रहा है। पीएम ने माफी मांगते हुए कहा- “मैं सच्चे और शुद्ध मन से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या में कुछ कमी थी कि हम अपने कुछ किसान भाइयों को नहीं समझा पाए। आज प्रकाश पर्व है, किसी को दोष देने का समय नहीं है। मैं देश को बताना चाहता हूं कि हमने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है”। पीएम जहां किसी को दोष नहीं देने की बात अपने भाषण में कह रहे थे तो वहीं वीके सिंह ने किसान संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीएम की इस घोषणा के बाद भी आंदोलन कर रहे किसानों ने अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करने की घोषणा की है। ये किसान पिछले लगभग एक साल ने इन कानूनों समेत कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन में किसानों का दावा है कि अबतक 700 लोग मर चुके हैं। कई के खिलाफ मामले में दर्ज किए गए हैं।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट