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कोरोना काल में चुनाव प्रचार पर बोले अमित शाह- संविधान में मिला अधिकार, छीना नहीं जा सकता

बाकी बचे तीनों चरणों के चुनाव को एक साथ कराने पर अमित शाह ने कहा कि यह संभव नहीं है। किसी के भी प्रचार का अधिकार छीना नहीं जा सकता है। क्योंकि संविधान ने हर किसी को प्रचार के लिए एक निश्चित समय सीमा दी है।

amit shah, corona, west bengal electionकेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि चुनाव कराना चुनाव आयोग के हाथ में हैं और यह संवैधानिक अधिकार है। इसलिए इसको दूसरे तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। (फोटो – पीटीआई)

एकतरफ पूरे देश में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में तीन चरणों का विधानसभा चुनाव बाकी है। भाजपा सहित सभी पार्टियां पश्चिम बंगाल में ताबड़तोड़ रैली कर रही है। हालांकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी सभी रैलियां रद्द कर दी। इसी बीच भाजपा नेता व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोरोना काल में चुनाव को लेकर कहा है कि संविधान में मिला अधिकार हमसे छीना नहीं जा सकता है।

दरअसल आजतक न्यूज चैनल से बातचीत में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जहां तक बात राहुल गांधी के रैली रद्द करने की है तो उन्हें यह भी बताना चाहिए था कि वे पश्चिम बंगाल में कितनी रैलियों को संबोधित करने वाले थे। साथ ही अमित शाह ने कहा कि भाजपा भी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर चुनाव प्रचार के प्रारूप में बदलाव करने का विचार कर रही है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि चुनाव कराना चुनाव आयोग के हाथ में हैं और यह संवैधानिक अधिकार है। इसलिए इसको दूसरे तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए।

इसके अलावा बाकी बचे तीनों चरणों के चुनाव को एक साथ कराने पर अमित शाह ने कहा कि यह संभव नहीं है। किसी के भी प्रचार का अधिकार छीना नहीं जा सकता है। क्योंकि संविधान ने हर किसी को प्रचार के लिए एक निश्चित समय सीमा दी है। एक नैरेटिव बनाने के लिया कुछ भी कहा जा सकता है लेकिन संविधान में दिए गए नियमों को भी एक बार देखना चाहिए। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के बाकी बचे तीनों चरणों के चुनाव प्रचार के लिए अपनी रैलियों में कुछ बदलाव किए हैं।

सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हुई मीटिंग में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि  पश्चिम बंगाल में चुनाव का पूरा होना भी जरूरी है। इसलिए कोरोना के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखकर यह फैसला किया गया कि अब प्रधानमंत्री मोदी समेत सभी नेता पश्चिम बंगाल में छोटी जनसभाओं को ही संबोधित करेंगे। इसमें सिर्फ 500 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति होगी। साथ ही ये सभी रैलियां खुले मैदान में आयोजित की जाएगी और इसमें कोरोना प्रोटोकॉल का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। 

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में चार रैलियों को संबोधित करेंगे। ये रैलियां मालदा, मुर्शिदाबाद, सिवली और दक्षिण कोलकाता में होगी। पीएम मोदी के संबोधन के दौरान बड़ी बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी ताकि लोग दूर से ही उनके भाषण को सुन सकें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में 6 करोड़ मास्क और सेनिटाइजर वितरित करने का लक्ष्य भी रखा है। 

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