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कांग्रेस को दिया वोट तो बदरुद्दीन मुख्यमंत्री, बोले अमित शाह, घुसपैठिए छीन लेंगे रोजगार

असम में चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस को वोट देने का मतलब है बदरुद्दीन अजमल को मुख्यमंत्री बनाने का रास्ता साफ कर देना।

assam, bjp, congressअसम में चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस कितनी भी जोर लगा ले हम बदरुद्दीन अजमल को असम की पहचान नहीं बनने देंगे। (फोटो -पीटीआई)

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार को असम के चुनावी दौरे पर थे। असम में चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ के गठबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर आपने कांग्रेस को वोट दिया तो बदरुद्दीन अजमल मुख्यमंत्री बनेंगे और घुसपैठिए आपसे रोजगार छीन लेंगे।

असम में चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस की नीयत साफ नहीं है, देशभर में ये सीएए का विरोध कर रही है। कांग्रेस को वोट देने का मतलब है बदरुद्दीन अजमल को मुख्यमंत्री बनाने का रास्ता साफ कर देना। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर असम में कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल की सरकार बनी तो फिर से घुसपैठिए यहां घुसपैठ शुरू कर देंगे और असम के युवाओं का रोजगार छीनकर ले जाएंगे। 

इसके अलावा उन्होंने कहा कि राहुल गांधी यहां आकर बोलते हैं कि बदरुद्दीन अजमल असम की पहचान है। असम की असल पहचान शंकर देव और माधव देव है, वीर सेनापति लाचित बोरफूकन है। आगे उन्होंने कहा कि कांग्रेस कितनी भी जोर लगा ले हम बदरुद्दीन अजमल को असम की पहचान नहीं बनने देंगे। उन्होंने एआईयूडीएफ के नेता बदरुद्दीन अजमल पर असम की पहचान को बदलने का आरोप भी लगाया।

असम के मोरीगांव में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि लैंड जिहाद के माध्यम से असम की पहचान को बदलने का काम बदरुद्दीन अजमल ने किया है। अगर बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस की सरकार असम आती है तो असम एक बार फिर से आतंकवाद के रास्ते पर चल पड़ेगा। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि हमने असम को पांच सालों में ही आंदोलन मुक्त बना दिया।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमने पिछले 5 साल में ही असम को आंदोलन मुक्त बना दिया। पिछले पांच सालों में असम में कोई बड़ा आंदोलन नहीं हुआ है और आतंकवाद समाप्त हुआ है। 2000 से ज्यादा आतंकवादियों ने मुख्यधारा में आना पसंद किया है। अब असम विकास के रास्ते पर आगे बढ़ चुका है। 

बता दें कि 126 सीटों के लिए असम में तीन चरण में चुनाव होंगे। पहले चरण में 27 मार्च को 47 सीटों पर मतदान होगा। इसके अलावा 1अप्रैल और 6 अप्रैल को दूसरे और तीसरे चरण का मतदान होगा। जबकि वोटों की गिनती 2 मई को की जाएगी। मौजूदा असम विधानसभा का कार्यकाल 31 मई को समाप्त हो रहा है। 

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