केंद्र की मोदी सरकार ने बुधवार को भारत में व्हाट्सऐप के यूजरनेम फीचर को शुरू करने के प्रस्तावित अपडेट को लेकर नोटिस जारी किया है और कंपनी को निर्देश दिया है कि सरकार के साथ राय-मशविरा पूरा होने तक इसे लॉन्च न किया जाए।
केंद्र ने मेटा को तीन दिनों के अंदर इस फीचर का विस्तृत विवरण पेश करने को भी कहा है।
साल के आखिर में धीरे-धीरे रोल आउट किया जाएगा- व्हाट्सऐप
इसके बाद व्हाट्सऐप ने अपना बयान जारी किया है। व्हाट्सऐप के एक प्रवक्ता ने कहा, “हमने लोगों के लिए व्हाट्सऐप पर अपना पसंदीदा यूज़रनेम रिज़र्व करने का ऑप्शन अनाउंस किया है। यूजरनेम इस्तेमाल करने की सुविधा अभी शुरू नहीं हुई है और इसे इस साल के आखिर में धीरे-धीरे रोल आउट किया जाएगा।”
आगे कहा, “किसी और का रूप धरने (impersonation) से बचाने के लिए, हमने सबसे अधिक मशहूर लोगों के नाम- जैसे पब्लिक फिगर्स, सरकारी संस्थाएं, सेलिब्रिटी, वेरिफाइड मेटा अकाउंट- रिजर्व करके रखे हैं, ताकि उन्हें सिर्फ उनके असली मालिक ही क्लेम कर सकें। साथ ही, मशहूर नामों से मिलते-जुलते नामों को भी रिजर्व किया गया है। व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अभी भी फोन नंबर की जरूरत होगी और हमने यूजरनेम के साथ स्कैम से बचाने के लिए कई लेयर वाली सुरक्षा बनाई है।”
प्रवक्ता ने आगे कहा, “दूसरे यूजर्स को आपको मैसेज करने के लिए सही यूजरनेम पता होना चाहिए, हम यह लिमिट करेंगे कि कोई अकाउंट कितने नए लोगों से कॉन्टैक्ट कर सकता है, किसी के यूजरनेम का अंदाजा लगाने की बार-बार की कोशिशों को ब्लॉक करेंगे, और ऐसे सिस्टम रखेंगे जो आम तौर पर होने वाले इंपर्सनेशन और गलत इस्तेमाल के पैटर्न का पता लगाकर उन्हें रोक सकें। जब यह फीचर उपलब्ध हो जाएगा और कोई आपके यूजरनेम के जरिए आपको पहली बार मैसेज भेजेगा, तो हम आपको दिखाएंगे कि क्या वे नया अकाउंट हैं, क्या वे आपके कॉन्टैक्ट हैं, क्या आपके कोई कॉमन ग्रुप हैं, और क्या वे किसी दूसरे देश से हैं, ताकि आप तय कर सकें कि जवाब देना है या नहीं।”
व्हाट्सऐप के 50 करोड़ से अधिक यूजर
मेटा को यह नोटिस भारत में व्हाट्सऐप पर यूजरनेम फीचर को शुरू करने के प्लान से संबंध में भेजा गया है। भारत में व्हाट्सऐप के 50 करोड़ से अधिक यूजर हैं।
29 जून 2026 को सार्वजनिक रूप से घोषित की गई यह सुविधा, व्हाट्सऐप पर मौजूदा और नए यूजर को यूनिक यूजरनेम नाम रिजर्व करने की अनुमति देती है और पूर्ण एक्टिवेशन के बाद के बाद अपने फोन नंबरों का खुलासा किए बिना, केवल यूजरनामों का आदान-प्रदान करके बातचीत शुरू और संचालित कर सकते है।
केंद्र ने नोटिस में क्या कहा?
केंद्र ने अपने नोटिस में कहा, “ऐसा माना जा रहा है कि यह फीचर ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और धोखाधड़ी की घटनाओं को और बढ़ा सकता है क्योंकि इससे स्कैमरों को पीड़ितों से संपर्क करने और उन्हें मैसेज भेजने में मदद मिलेगी।”
आगे कहा गया, “इसके अतिरिक्त यह सुविधा वास्तविक व्यक्तियों या संस्थानों के समान दिखने वाले यूजरनेम को अपनाने की अनुमति देकर, व्यक्तियों, पब्लिक सर्वेंट्स, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट और सरकारी एजेंसियों का रूप लेकर धोखाधड़ी और पहचान की हेराफेरी को सुविधाजनक बना सकती है।”
व्हाट्सऐप प्लस लॉन्च
व्हाट्सऐप के यूजरनेम फीचर के लॉन्च की घोषणा के साथ ही एक और नया फीचर भी पेश किया गया है। मेटा ने हाल ही में भारत में व्हाट्सऐप प्लस लॉन्च किया है, जो मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का पहला पेड सब्सक्रिप्शन है और उन यूजर्स के लिए है जो अधिक कस्टमाइजेशन चाहते हैं। उन्हें 79 रुपये प्रति माह की कीमत देकर इसे अपनाना होगा, इस वैकल्पिक प्लान में एक्सक्लूसिव थीम्स, ऐप आइकन, रिंगटोन, स्टिकर और अन्य पर्सलाइजेशन फीचर्स का ऐक्सस मिलता है, जबकि व्हाट्सऐप की मुख्य मैसेजिंग और कॉलिंग सेवाएं सभी यूजर्स के लिए मुफ्त रहेगी।
व्हाट्सऐप प्लस एक प्रीमियम सब्सक्रिप्शन है, जिसे एक्सट्रा कस्टमाइजेशन विकल्पों के माध्यम से ऐप के लुक और फील को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस प्लान में कोई नई मैसेजिंग, वाइस कॉलिंग या प्राइवेसी सुविधाएं शामिल नहीं हैं, बल्कि यह पूरा तरह से यूजर एक्सपीरिएंस को व्यक्तिगत बनाने पर केंद्रित है। भारत में यह विकल्प एंड्रायड और आईफोन दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध है। यह सब्सक्रिप्शन मेटा की इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर अपने पेड़ ऑफर के पोर्टफोलियो का विस्तार करने की व्यापक पहल का हिस्सा है।
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व्हाट्सएप में आने वाले दिनों में ‘डिजिटल अरेस्ट स्कैम में इस्तेमाल होने वाले डिवाइस आईडी को ब्लॉक किया जा सकता है। इसके अलावा स्काइप जैसी सेफ्टी फीचर्स लागू करने और खतरनाक एपीके फाइलों को पहचानकर ब्लॉक करने जैसे फीचर भी लाए जा सकते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय की हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी ने व्हाट्सएप को ये निर्देश दिए हैं। सरकार का तर्क है कि डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम को रोकने के लिए व्हाट्सएप पर इन फीचर्स का आना जरूरी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
