केंद्र सरकार ने बुधवार को एक कैबिनेट बैठक की, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इस आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने बैठक में किसानों के फायदे से जुड़ा एक अहम फैसला लिया है। कैबिनेट ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए धान, मक्का, सोयाबीन और ज्वार समेत 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।

इसके अलावा भी कैबिनेट ने कई अन्य परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोदी सरकार के इन फैसलों की जानकारी दी।

सबसे अधिक किन फसलों पर हुई बढ़ोतरी?

सरकार ने सबसे अधिक बढ़ोतरी सूरजमुखी के बीज, कपास, तिल और नाइजरसीड के एमएसपी में की है। केंद्र का यह फैसला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे दालों और तिलहनों की खेती को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि लागत से कम से कम 50 फीसदी अधिक मुनाफा मिले।

कैबिनेट ने सबसे अधिक सूरजमुखी के बीज के एमएसपी में 622 रुपये प्रति क्विंटल, कपास के एमएसपी में 557 रुपये क्विंटल, नाइजरसीड के एमएसपी में 515 रुपये प्रति क्विंटल और तिल के एमएसपी में 500 रुपये प्रति क्विंटल की वृ्द्धि की है।

किस फसल के एमएसपी में कितनी बढ़ोतरी?

फसलनया MSP (₹ प्रति क्विंटल)बढ़ोतरी
धान (सामान्य)2,441₹72
धान (A ग्रेड)2,461₹72
ज्वार (हाइब्रिड)3,699₹328
ज्वार (मालदांडी)3,749₹328
बाजरा2,775₹150
रागी4,886₹596
मक्का2,410₹10
तूर/अरहर8,000₹450
मूंग9,068₹86
उड़द7,800₹400
मूंगफली7,263₹480
सूरजमुखी बीज8,343₹622
सोयाबीन (पीला)5,328₹436
तिल10,500₹500
नाइजरसीड9,537₹515
कपास (मध्यम रेशा)7,710₹557
कपास (लंबा रेशा)8,110₹589

कोयला गैसीकरण परियोजना को भी मिली मंजूरी

इसके अलावा, कैबिनेट की बैठक में 37000 करोड़ रुपये से कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की एक योजना पर भी मुहर लगाया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “कोयला गैसीकरण का एक अहम निर्णय लिया गया है। हमें गैस की जरूरत और भू-राजनीतिक स्थिति के अनुसार आत्मनिर्भर कैसे बनने पर ध्यान देना है।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत में कोयले का बड़ा भंडार है। अगले 200 सालों की जरूरतों को पूरा करने के लिए देश के पास पर्याप्त कोयला है तो क्या हम उसका उपयोग करके गैस का उत्पादन नहीं कर सकते है। इस दिशा में हम अच्छा प्रयास कर रहे है और आज कोयला गैसीकरण योजना पर एक निर्णय लिया गया है। कोयले से गैस का उत्पादन और फिर उस गैस से उर्वरक, कोयले से गैस उत्पादन और फिर उसी गैस से बिजली, फिर उसी गैस उत्पादन से विभिन्न प्रकार के रसायन तैयार हो सकते हैं।”

देश की पहली सेमी हाई-स्पीड रेल को भी मंजूरी

आगे उन्होंने बताया कि रेल मंत्रालय की करीबन 20667 करोड़ रुपये की लागत वाली अहमदाबाद सरखेज- धोलेरा अर्ध-उच्च गति दोहरी लाइन परियोजना को भी स्वीकृति दी गई है। यह देश की पहली सेमी हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के रूप में काम करेगी और देश भर में सेमी हाई-स्पीड रेल के चरणबद्ध विस्तार के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगी।

नागपुर एयरपोर्ट के अपग्रेडेशन को भी मंजूरी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, “केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीपीपी मॉडल (सार्वजनिक निजी भागीदारी) के तहत निजी कंपनियों को शामिल करते हुए लंबे समय के लिए लाइसेंस के जरिए नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अपग्रेडेशन और मॉर्डनाइजेशन को भी मंजूरी दी है।”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘ईंधन बचाओ’ अपील के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले का आकार घटाकर आधे से भी कम कर दिया। वहीं, भाजपा शासित राज्यों ने प्रधानंमत्री की अपील का अनुसरण करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अपने काफिले का आकार घटा दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें