कोरोना महामारी : चुनौती से निपटने के लिए इम्तिहान के चार विकल्प

बोर्ड के मुताबिक सभी परिस्थितियों में आंतरिक मूल्यांकन और गृह आधारित परीक्षाओं की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए विद्यार्थियों को मिले अंकों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया जाएगा।

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परीक्षाओं को लेकर छात्र असमंजस में। फाइल फोटो।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कोरोना विषाणु संक्रमण महामारी की अलग-अलग स्थितियों को देखते हुए दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं खाका तैयार किया है। सबसे पहले तो बोर्ड ने दोनों कक्षाओं की पाठ्यचर्या को दो बराबर भागों में बांटा है। इसी आधार पर दोनों कक्षाओं की दो बार (नवंबर-दिसंबर, 2021 और मार्च-अप्रैल, 2022) परीक्षा होगी।

बोर्ड की ओर से महामारी की स्थितियों को देखते हुए परीक्षाओं के चार खाके तैयार किए गए हैं जो इस प्रकार हैं :

यदि महामारी की स्थिति में सुधार होता है और विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए स्कूल व परीक्षा केंद्र आ सकते हैं – ऐसी स्थिति में दोनों टर्म की परीक्षा स्कूल या परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परिणाम तैयार करते समय दोनों परीक्षाओं का भार एक समान रखा जाएगा। यदि महामारी की वजह से नवंबर-दिसंबर, 2021 में बच्चे स्कूल या परीक्षा केंद्रों पर नहीं जा पाते हैं और मार्च-अप्रैल, 2022 की परीक्षा को परीक्षा केंद्र पर देते हैं – ऐसे में पहले टर्म की बहुविकल्पीय परीक्षा आॅनलाइन या आॅफलाइन होगी जिसे विद्यार्थी अपने घर से देंगे। इस स्थिति में परिणाम तैयार करते समय पहले टर्म की परीक्षा के भार को कम किया जाएगा जबकि दूसरे टर्म की परीक्षा के भार को बढ़ाया जाएगा।

यदि महामारी की वजह से मार्च-अप्रैल, 2022 में बच्चे स्कूल या परीक्षा केंद्र पर नहीं जा पाते हैं और नवंबर-दिसंबर, 2021 की परीक्षा स्कूल या परीक्षा केंद्रों पर होती है – ऐसे में पहले टर्म की बहुविकल्पीय परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर विद्यार्थियों का परिणाम तैयार किया जाएगा। अंतिम परिणाम भी इसी आधार पर तैयार होगा।

यदि महामारी के कारण दोनों टर्म की परीक्षाओं में बच्चे स्कूल या परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंचते हैं और दोनों टर्म की परीक्षाओं को विद्यार्थी घर से देते हैं- ऐसे में विद्यार्थियों का परिणाम आंतरिक मूल्यांकन, प्रयोगात्मक परीक्षाओं व प्रोजेक्ट कार्य और पहले व दूसरे टर्म में मिले अंकों के आधार पर तैया रकिया जाएगा। अंकों की विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए मॉडरेशन का सहारा भी लिया जाएगा।
बोर्ड के मुताबिक सभी परिस्थितियों में आंतरिक मूल्यांकन और गृह आधारित परीक्षाओं की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए विद्यार्थियों को मिले अंकों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया जाएगा।

पहला टर्म : परीक्षाएं नवंबर-दिसंबर, 2021 में होंगी

1- यह परीक्षा बहुविकल्पीय सवालों पर आधारित होगी। परीक्षा की अवधि डेढ़ घंटे रहेगी। इसमें 50 फीसद पाठ्यचर्या से सवाल पूछे जाएंगे।
2- परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र और अंक योजना सीबीएसई की ओर से स्कूलों को उपलब्ध कराई जाएगी।
3- परीक्षा सीबीएसई की ओर से नियुक्त बाहरी परीक्षा अधीकक्षों और पर्यवेक्षकों की देखरेख में संपन्न कराई जाएगी।
4- विद्यार्थियों को ओएमआर शीट के माध्यम से अपने उत्तर देने होंगे। इन ओएमआर शीट को परीक्षा वाले दिन ही स्कैन करके या जांचने के बाद अंकों को सीधे सीबीएसई पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

दूसरा टर्म : परीक्षाएं मार्च-अप्रैल, 2022 में होंगी

1- इस टर्म की परीक्षा में भी आधी पाठ्यचर्या पर आधारित सवाल आएंगे।
2- यह परीक्षा दो घंटे की होगी और इसमें मिले-जुले तरीके के सवाल आएंगे जिनमें लघु उत्तर वाले, दीर्घ उत्तर वाले, स्थिति आधारित आदि सवाल पूछे जाएंगे।
3- यदि इस दौरान स्थिति सामान्य परीक्षा के अनुकूल नहीं होती है तो यह परीक्षा भी बहुविकल्पीय सवालों पर डेढ़ घंटे की होगी।

पाठ्यचर्या वहीं रहेगी

बोर्ड के मुताबिक स्कूलों को प्रशासनिक अनुमति मिलने तक आॅनलाइन पढ़ाई जारी रखनी होगी। बोर्ड के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं की पाठ्यचर्या वहीं रहेगी जो जुलाई 2020 में जारी की गई थी। हालांकि स्कूलों के लिए सीबीएसई की ओर से 31 मार्च, 2021 में भी पाठ्यचर्या जारी की थी।

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