ताज़ा खबर
 

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, सुदर्शन टीवी का शो एक समुदाय को करता है टारगेट, कहा- बिना बदलाव के नहीं हो सकता प्रसारण

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि सुदर्शन टीवी के विवादित शो में एक विशेष समुदाय को टारगेट किया जाता है और बिना सुधार के बाकी एपिसोड्स का प्रसारण नहीं किया जा सकता है।

suresh Chahvanke, sudarshan tvकेंद्र ने कहा, बिना सुधार के नहीं चलेगा सुदर्शन टीवी का शो।

सुदर्शन टीवी के एक शो को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा है। सुदर्शन चैनल के शो ‘बिंदास बोल’ के बारे में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि यह प्रोग्राम कोड का उल्लंघन करता है और इसका तरीका भी अच्छा नहीं है। यह सांप्रदायिक भावना को फैलाने वाला है। केंद्र ने यह भी कहा है कि आगे से बिना परिवर्तन के इस शो का प्रसारण नहीं किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करके केंद्र ने सूचना प्रसारण मंत्रालय के चार नवंबर को दिए गए आदेश का हवाला देते हुए कहा है, ‘ब्रॉडकास्टर के सभी अधिकारों और परिस्थितियों के बीच के संतुलन को देखते हुए और सभी तथ्यों पर ध्यान देने के बाद यही निर्णय लिया गया है कि सुदर्शन टीवी को भविष्य में सावधानी से कार्यक्रमों का प्रसारण करना चाहिए।’ आदेश में यह भी कहा गया था कि अगर आगे से कार्यक्रम के नियमों का उल्लंघन किया गया तो गड़ी कार्रवाई की जाएगी।

15 सितंबर को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, इंदु मल्होत्रा और केएम जोसेफ की एक बेंच ने बिंदास बोल शो के बचे हुए एपिसोड्स पर रोक लगा दी थी। इस शो में दावा किया जा रहा था कि सिविल सर्विस में ‘मुसलमान घुसपैठ कर रहे हैं।’ इसमें इस बात का खुलासा करने का दावा किया जा रहा था। बेंच ने भी कहा था कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य मुस्लिमों को टारगेट करना है। 26 अक्टूबर को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि मंत्रालय इसके सारे रेकॉर्ड रखेगा।

4 नवंबर को मंत्रालय के आदेश में कहा गया था कि अभिव्यक्ति की आजादी मौलिक अधिकार है लेकिन इस शो का तरीका ऐसा है कि प्रोग्राम कोड का उल्लंघन हो रहा है। मंत्रालय ने यह भी कहा था कि कार्यक्रम में किसी एक धर्म को नहीं बल्कि जकात फाउंडेशन ऑफ इंडिया को टारगेट किया जा रहा है। हालांकि मंत्रालय ने कहा था कि इससे यूपीएससी, एक समुदाय का छवि धूमिल हो रही है। मंत्रालय ने कहा था कि बिना परिवर्तन के इस शो के बाकी एपिसोड प्रसारित न किए जाएँ। कार्यक्रम के प्रसारण से पहले मंत्रालय को रिपोर्ट करना भी जरूरी होगा।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 15,000 से ज्यादा शिक्षकों की नौकरियों का नोटिफिकेशन योगी सरकार ने किया रद्द, जानें- क्या है मामला
2 नीतीश कुमार की कैबिनेट के 8 लोगों पर आपराधिक केस, जानें- किस पर है क्या आरोप
3 बैंक मुसीबत में हैं और GDP भी…जनता का मनोबल टूट रहा है, राहुल बोले-यह विकास या विनाश?
यह पढ़ा क्या?
X