ग्राम सभाएं खुद ‘कमाएं’ पैसा, सरकार ने राज्यों को दी अडवाइजरी, गांवों के स्तर पर भी हो मोनेटाइजेशन

केंद्र सरकार ने राज्यों के अडवाइजरी दी है जिसमें कहा गया है कि ग्राम सभाएं अपना रेवेन्यू का सोर्स डिवेलप करने पर बात करें। इसमें असेट मोनेटाइजेशन की भी बात कही गई है।

पहली बार केंद्र ने इस तरह से ग्राम सभाओं के लिए जारी की मोनेटाइजेशन की अडवाइजरी। (सांकेतिक तस्वीर, एक्सप्रेस)

सरकारी संपत्तियों के मोनेटाइजेशन को लेकर सरकार पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है और अब केंद्र ने ग्रमा सभाओं को भी असेट मोनेटाइजेशन के जरिए रेवेन्यू जनरेट करने का खाका भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक पंचायती राज मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक कैलेंडर भेजा है जिसमें यह भी कहा गया है कि ग्राम सभाएं रेवेन्यू के अपने स्रोत विकसित करें।

सचिव सुनील कुमार की तरफ से भेजी गई पंचायती राज मंत्रालय की अडवाइजरी में 71 विषयों के साथ कैलेंडर भेजा गया है। इसमें हर महीने एक या दो विषयगत क्षेत्र पर काम करने को कहा गया है। अगस्त महीने के लिए जो टारगेट दिया गया है उसमें संपत्तियों के मोनेटाइजेशन और इनकम का अपना सोर्स डिवेलप करने की बात कही गई है।

इस अडवाइजरी में जहां से रेवेन्यू जुटाने की बात कही गई है उनमें प्रॉपर्टी टैक्स/प्रोफेशन टैक्स, कॉमन प्रॉपर्टी असेट को लीज पर देना, यूटिलिटि/सर्विस चार्ज और सीएसआर की बात कही गई है। ऐसा पहली बार है जब कि सरकार ने इस तरह से जोर देकर ग्राम सभाओं द्वारा रेवेन्यू जुटाने की बात कही गई है।

इस अडवाइजरी में जो दूसरे टॉपिक हैं उनमें स्किल इंडिया, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, शामिल हैं। इस लिस्ट में 15 अगस्त के अलावा आंबेडकर जयंती मनाने की भी बात कही गई है। केंद्र ने कहा है कि राज्य संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दें ताकि अक्टूबर से इसपर अमल किया जा सके।

इस अजवाइजरी में ग्राम सभाओं को वाइब्रेंट बनाने की बात कही गी है और यह सलाह दी गई है कि साल में कम से कम 6 बार ग्राम सभाओं की बैठक हो। ग्राम सभाओं की बेठक में सभी पंचायतों के लिए कैलेंडर बनाया जा सकता है। बता दें कि यह आदेश तब आया है जब कि केंद्र सरकार ने 6 लाख करोड़ के नेशनल मोनेटाइजेशन को लेकर भी ऐलान किया है।

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