Census 2027: देश में जनगणना 2027 के तहत लोगों की गिनती का पहला चरण अगले महीने से शुरू होने जा रहा है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल (RGI) ने इस बार जनसंख्या गणना के लिए 40 प्रश्नों की एक विस्तृत सूची जारी की है।
खास बात यह है कि 2011 की जनगणना की तुलना में इस बार 14 नए और संशोधित सवाल शामिल किए गए हैं। इनमें व्यक्तिगत जानकारियों से लेकर डिजिटल साक्षरता, बैंक खाते और कोविड-19 टीकाकरण के स्थान से जुड़े सवाल शामिल हैं।
2011 से अलग: 14 नए और बदले हुए सवाल
इस बार की प्रश्नावली में कई नई जानकारियों को जगह दी गई है। नए और संशोधित सवालों में पति/पत्नी का नाम, घोषित राष्ट्रीयता, माता और पिता का पूरा विवरण, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ ‘जाति’ का विकल्प, साक्षरता व डिजिटल साक्षरता, उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और विषय, तथा कोविड-19 का टीका कहाँ लगवाया गया था, जैसी जानकारी माँगी गई है।
डिजिटल पहचान और दस्तावेजों की जानकारी
नए सवालों में लोगों के बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), भारतीय पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता जैसे विवरण भी शामिल हैं। हालांकि, ये पहचान पत्र केवल तभी दर्ज किए जाएंगे यदि नागरिक के पास ये उपलब्ध होंगे।
एनपीआर (NPR) से जुड़ा पुराना विवाद
जनगणना में शामिल किए गए कुछ नए सवाल 2020 में अधिसूचित राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) की प्रश्नावली का भी हिस्सा थे। इनमें माता-पिता का नाम और उनके जन्मस्थान जैसी जानकारियाँ शामिल हैं। 2019-20 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू होने के बाद इन सवालों को लेकर काफी विवाद और राजनीतिक बहस हुई थी। विपक्षी दलों और नागरिक समाज का मानना था कि NPR के आंकड़े आगे चलकर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की प्रक्रिया का आधार बन सकते हैं।
शाहीन बाग प्रदर्शन और कोविड के कारण स्थगन
माता-पिता के जन्मस्थान से जुड़े इन सवालों के विरोध में 2020 में दिल्ली के शाहीन बाग समेत देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन और हिंसा हुई थी। इसके बाद कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में NPR का काम रोक दिया गया था। हालांकि सरकार ने बार-बार यह साफ किया है कि देश स्तर पर NRC लागू करने को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
कानून और नियमों का ढांचा
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) देश के सामान्य निवासियों की एक सूची है, जो नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत तैयार की जाती है। इन नियमों के अनुसार, जनसंख्या रजिस्टर की मदद से भारतीय नागरिकों के विवरण का सत्यापन किया जा सकता है। इसी वैधानिक कड़ी के कारण NPR और NRC को लेकर पहले विवाद की स्थिति बनी थी।
बजट प्रावधान और मौजूदा स्थिति
केंद्रीय बजट 2026-27 में जनगणना 2027 और NPR से जुड़ी गतिविधियों के लिए ₹6,000 करोड़ का आवंटन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह आवंटन पुरानी योजनाओं को जारी रखने के लिए है ताकि आवश्यकता पड़ने पर फंड की कमी न हो। फिलहाल सरकार ने सिर्फ जनगणना के लिए प्रश्नावली जारी की है और NPR को लेकर अलग से कोई नई अधिसूचना जारी नहीं की है।
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