ताज़ा खबर
 

रेलयात्रियों की सुरक्षा के लिए सीमेंट की चहारदीवारी

पांच फुट ऊंची दीवार बनाई जा रही है। इलाहाबाद डिवीजन के पांच खंडों में दीवार बनाने का कार्य शुरू किया गया है। सबसे पहले 40 किलोमीटर की दीवार पांचों खंडों में बनाई जाएगी। इसके बाद अन्य स्थानों पर भी कार्य होगा।

Author June 26, 2019 2:30 AM
भारतीय रेलवे फाइल फोटो- इंडियन एक्सप्रेस

देश के सबसे अहम दिल्ली हावड़ा रेलवे मार्ग पर आए दिन होने वाली मवेशी दुर्घटनाओं पर अकुंश लगाने के लिए गाजियाबाद से मुगलसराय तक सीमेंट की मजबूत चहारदीवारी का निर्माण शुरू कर दिया गया है। मुगलसराय से गाजियाबाद तक रेलवे ट्रैक पर स्लीपर बारबेड वायर से जहां बाड़बंदी की जाएगी, वहीं आबादी वाले क्षेत्रों में आरसीसी दीवार का निर्माण भी कराया जाएगा । इटावा सेक्शन में फर्रुखाबाद क्रासिंग के पास आबादी वाले क्षेत्र में आरसीसी दीवार बनाने का काम शुरू हो गया है। पांच फुट ऊंची दीवार बनाई जा रही है। इलाहाबाद डिवीजन के पांच खंडों में दीवार बनाने का कार्य शुरू किया गया है। सबसे पहले 40 किलोमीटर की दीवार पांचों खंडों में बनाई जाएगी। इसके बाद अन्य स्थानों पर भी कार्य होगा। इसके लिए ढाई सौ करोड़ रुपए खर्च किये जाएंगे।

पांच चरणों मे होगा कार्य
पांच चरणों में सबसे पहले मुगलसराय से इलाहाबाद का काम हाथ में लिया जाएगा। दूसरे चरण में इलाहाबाद से कानपुर, तीसरे चरण में कानपुर से टूंडला, चौथे चरण में टूंडला से अलीगढ़ तथा पांचवें चरण में अलीगढ़ से गाजियाबाद तक कार्य कराया जाएगा।

सीपीआरओ का तर्क
सीपीआरओ सुनील गुप्ता का कहना है कि सबसे पहले 40-40 किलोमीटर की दीवार पांच खंडों में बनाई जाएगी। इसके बाद अन्य स्थानों पर भी कार्य होगा। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के मुताबिक इटावा सेक्शन में अम्बियापुर से सरायभूपत तक 22 किलोमीटर की आरसीसी दीवार बनाई जाएगी। वहीं अन्य 22 किलोमीटर क्षेत्र में स्लीपर बारबेड वायर फेनशिंग भी की जाएगी। यहां के बाद जसवंतनगर से मक्खनपुर के क्षेत्र में इसी प्रकार का काम होगा।

वंदेभारत हाईस्पीड लेकर है चिंता
रेलवे के उच्चाधिकारियों के लिए देश की पहली सेमीहाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस ट्रेन का संचालन शुरू होने के बाद पशु कई बार इस ट्रेन की चपेट में आ चुके हैं। वहीं अराजक तत्वों के द्वारा इस पर कई बार पथराव भी किया जा चुका है। इटावा में इस ट्रेन की सुरक्षा का कोई भी इंतजाम नहीं है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App