मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार ( 9 मार्च 2026) सुबह कोलकाता के प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर पहुंचे। पूजा-अर्चना करने मंदिर पहुंचे ज्ञानेश कुमार को मंदिर के प्रवेश द्वार पर कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। घटना के बाद मंदिर परिसर में बाहर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई।
अचानक हुए इस विरोध के चलते कुछ समय के लिए मंदिर परिसर के बाहर हलचल बढ़ गई। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को तुरंत संभाल लिया और विरोध कर रहे लोगों को वहां से हटा दिया। इसके बाद ज्ञानेश कुमार ने मंदिर में जाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
बताया जा रहा है कि इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। घटना को लेकर फिलहाल किसी बड़े विवाद या टकराव की सूचना नहीं है। लेकिन इस विरोध प्रदर्शन ने मंदिर परिसर के बाहर कुछ देर के लिए माहौल गरमा दिया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने पश्चिम बंगाल के लोगों की सुख-समृद्धि और भलाई के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने साथ ही चुनाव आयोग के इस संकल्प को दोहराया कि राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और उत्सवपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किए जाएंगे। मुख्य चुनाव आयोग ने बंगाली में कहा कि, “ईबार शुधो निर्भोय चुनावेर पर्बो होबे यानी इस बार सिर्फ निर्भय (बिना डर के) चुनाव का पर्व होगा।”
हवाई अड्डे पर भी हुआ था CEC का विरोध
इससे पहले रविवार रात कुमार के कोलकाता पहुंचने पर भी हवाई अड्डे के पास इसी तरह का विरोध प्रदर्शन देखा गया था। जब उनका काफिला हवाई अड्डे से बाहर निकल रहा था, तब तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विरोधस्वरूप ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए और काले झंडे दिखाये। हवाई अड्डे के बाहर वाम दल के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया जिससे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने स्थिति को संभाली। पुलिस ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कुमार की तीन दिवसीय यात्रा के मद्देनजर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किये गये हैं।
CEC कुमार विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए राजनीतिक दलों, प्रवर्तन एजेंसियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे। दिन में बाद में कुमार विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए राजनीतिक दलों, प्रवर्तन एजेंसियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। कुमार निर्वाचन आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी के साथ चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर हैं। अधिकारियों के अनुसार, निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ सबसे पहले मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के साथ बैठक कर चुनाव के संचालन के संबंध में उनकी चिंताओं और सुझावों को सुनेगी। दौरे के अंतिम दिन मंगलवार को निर्वाचन आयोग की टीम मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के नोडल अधिकारी के साथ बैठक करेगी। कुमार एवं उनकी टीम कोलकाता से रवाना होने से पहले बूथ स्तरीय अधिकारियों से भी बातचीत करेगी एवं प्रेसवार्ता भी करेगी।
पश्चिम बंगाल में आने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल तेज होता जा रहा है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के बीच मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। चुनाव आयोग ने राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, केंद्रीय बलों की तैनाती और संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है ताकि मतदाता बिना डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
गौर करने वाली बात है कि पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) की लगभग 480 कंपनियां एक मार्च से तैनात की जाएंगी। पढ़ें पूरी खबर…
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10 अप्रैल 1897 को अविभाजित बंगाल के खुलना जिले के सेन्हाटी गांव में जन्मे प्रफुल्ल चंद्र सेन का शुरुआती जीवन साधारण परिवेश में बीता। आगे चलकर वे पश्चिम बंगाल के तीसरे मुख्यमंत्री बने और 1962 से 1967 तक राज्य का नेतृत्व किया। लेकिन उनकी पहचान केवल एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि गांधीवादी सादगी और सार्वजनिक जीवन की नैतिकता के कारण भी बनी। पढ़ें पूरी खबर…
