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CBSE: राष्ट्रीय झंडा और राष्ट्र सम्मान से जुड़े कानूनों का सख्ती से पालन करने का निर्देश

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने गुरुवार को सभी संबद्ध स्कूलों को परिपत्र जारी कर राष्ट्रीय झंडा और राष्ट्र के सम्मान संबंधी नियमों और कानून की कड़ाई से पालन का निर्देश दिया है।

Author नई दिल्ली | March 17, 2017 1:50 AM
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने गुरुवार को सभी संबद्ध स्कूलों को परिपत्र जारी कर राष्ट्रीय झंडा और राष्ट्र के सम्मान संबंधी नियमों और कानून की कड़ाई से पालन का निर्देश दिया है। सीबीएसई के इस ताजे परिपत्र का जहां कुछ स्कूलों ने स्वागत किया है, वहीं कुछ एक ने इसे बोर्ड द्वारा बेवजह स्कूलों पर हुकूमत की कोशिश और केंद्र की भाजपा सरकार के एजंडा को थोपने का माध्यम बताया।  गुरुवार को सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों के प्रमुखों को परिपत्र जारी कर निर्देश दिया, ‘मध्य प्रदेश हाई कोर्ट, जबलपुर में दायर याचिका (13829/2016) के मद्देनजर सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया जाता है कि वे ‘फ्लैग कोड आॅफ इंडिया, 2002’ और ‘दी प्रिवेंशन आॅफ इंसल्ट्स टू नेशनल आॅनर एक्ट, 1971’ का कड़ाई से पालन तय करें।’ बोर्ड ने कहा है कि वे इन नियमों और कानून की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की वेबसाइट से हासिल कर सकते हैं। बोर्ड ने अपने परिपत्र में इनके लिंक भी दिए हैं।

दिल्ली राज्य पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट के अध्यक्ष आरसी जैन ने कहा कि इस निर्देश का स्वागत है, हालांकि सीबीएसई स्कूलों में इसका हमेशा पालन किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि हम स्कूल तो इसका पालन करते आए हैं, लेकिन शायद सीबीएसई से संबद्ध अल्पसंख्यक स्कूलों में उचित रूप से लागू हो इसलिए यह परिपत्र जारी किया गया है।

माउंट कार्मल स्कूल्स के डीन डॉक्टर माइकल विलियम्स ने कहा, ‘राष्ट्रीय झंडा और राष्ट्र का सम्मान तो बुनियादी चीजें हैं जिसका सारे लोग पालन करते हैं। केंद्रीय भाजपा सरकार जो हर जगह भारतीय भावना निकालने की कोशिश कर रहे हैं, वह गलत है, सीबीएसई को अपना फोकस ठीक करने की जरूरत है’। डॉ विलियम्स ने कहा कि बोर्ड का काम शिक्षा गुणवत्ता को दुरुस्त करना है, लेकिन वह बेवजह से परिपत्र जारी कर अपना सारा ध्यान स्कूलों पर हुकूमत चलाने में लगा रही है। विलियम्स ने आशंका जताई कि इससे स्कूलों और बोर्ड के बीच टकराव की स्थिति आएगी जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी।

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