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CBI: उठी एक और अंगुली, 1400 करोड़ के सृजन घोटाले की जांच दबाने का शक

तेजस्वी यादव ने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित खबर को ट्वीट करते हुए लिखा, ''क्या राकेश अस्थाना ने जीए से एनडीए में स्विच करने के बदले 2500 करोड़ के सृजन घोटाले से नीतीश कुमार को बचाया था? सीबीआई ने अभी तक सृजन घोटाले के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने राजकोष से 2500 करोड़ सृजन एनजीओ के खाते में डालकर गबन किया था।''

सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना। (Photo: PTI)

सीबीआई विवाद के चलते लंबी छुट्टी पर भेजे गए दोनों शीर्ष अधिकारियों में राकेश अस्थाना पर एक और गंभीर आरोप लग रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव और जेल की सजा काट रहे उनके पिता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने सृजन घोटाले को लेकर मौजूदा मुख्यमंत्री और छुट्टी पर भेजे गए बिशेष सीबीआई निदेशक पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित खबर को ट्वीट करते हुए लिखा, ”क्या राकेश अस्थाना ने जीए से एनडीए में स्विच करने के बदले 2500 करोड़ के सृजन घोटाले से नीतीश कुमार को बचाया था? सीबीआई ने अभी तक सृजन घोटाले के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने राजकोष से 2500 करोड़ सृजन एनजीओ के खाते में डालकर गबन किया था।” तेजस्वी के ट्वीट के आधार पर प्रकाशित एक और खबर का लिंक ट्वीट करते हुए लालू यादव के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया गया, ”क्या नरेंद्र मोदी के परम सहयोगी राकेश अस्थाना ने ही 2500 करोड़ के सृजन घोटाले में नीतीश को बचाया?”

इसके बाद राष्ट्रीय जनता दल के आधिकारिक हैंडल से भी एक ट्वीट किया गया जिसमें कहा गया, ”क्या राकेश अस्थाना ने सृजन घोटाले में नीतीश कुमार को बचाया था? क्या सृजन में बचने और लालू परिवार को फंसाने की डील के बदले में नीतीश कुमार रातों-रात पाला बदल बीजेपी की गोद में खेलने चले गए? सीबीआई ने डेढ़ साल बाद भी सृजन घोटाले के मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया है?”

बता दें कि तेजस्वी ने अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ की जिस खबर को ट्वीट किया है उसमें एक सीबीआई अधिकारी पर 1400 करोड़ के सृजन घोटाले की जांच को दबाने की बात कही गई है। खबर में कहा गया है कि 1400 करोड़ के सृजन घोटाले में साल भर से ज्यादा समय पहले घोटाले के दो मुख्य आरोपियों प्रिया कुमार और उनके पति अमित कुमार के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी किया गया था लेकिन उन्हें अब तक नहीं पकड़ा गया है।

खबर में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि दिल्ली मुख्यालय में पदस्थ शीर्ष सीबीआई अधिकारी के साथ सृजन घोटाले की निकटता के कारण उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। मुख्य आरोपी प्रिया और अमित की गिरफ्तारी के लिए ईमानदारी से कोई प्रयास नहीं किया गया। आरोपी जोड़े को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। खबर में कहा गया है कि पिछले वर्ष 24 अगस्त को जब एजेंसी ने मामले की जांच शुरू की थी तो एक टीम ने झारखंड के रांची का दौरा किया था।

खबर में यह भी कहा गया है कि प्रिया के पिता आनंदी ब्रह्मा जोकि झारखंड में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, उन्होंने रांची के रहने वाले सीबीआई के शीर्ष रैंक के अधिकारी के साथ कथित तौर पर अच्छा वक्त बिताया है। बता दें कि घोटाले का नाम ‘सृजन घोटाला’ इसलिए पड़ा था क्योंकि कई सरकारी विभागों की रकम सीधे विभागीय खातों में न जाकर या ‘सृजन महिला विकास सहयोग समिति’ नाम के एनजीओ के छह खातों में ट्रांसफर हो रही थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घोटाला 2004 से चल रहा था। इस घोटाले ने नीतीश कुमार की ‘सुशासन बाबू’ की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया था लेकिन सीबीआई जांच के आदेश के बाद विपक्षी दलों की आवाज धीमी पड़ गई थी। लालू और तेजस्वी के द्वारा राकेश अस्थाना को लेकर विशेष रुचि रखने की एक और वजह यह है कि अस्थाना ने चारा घोटाला मामले की जांच की थी, जिससे जुड़े एक मामले में लालू सजा काट रहे हैं।

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