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वीरभद्र के 11 ठिकानों पर सीबीआई का छापा, भाजपा ने मांगा इस्तीफ़ा

सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का एक मामला दर्ज किया और शिमला में उनके आवास..

Author शिमला/नई दिल्ली | September 26, 2015 3:44 PM
हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह। (पीटीआई फाइल फोटो)

सीबीआई ने आज हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का एक मामला दर्ज किया और शिमला में उनके आवास सहित राज्य में 11 स्थानों पर छापे मारे। उनके दिल्ली स्थित आवास पर भी छापा मारा गया। सीबीआई की यह कार्रवाई आज हुई और आज ही वीरभद्र सिंह की पुत्री का विवाह हो रहा है।

शिमला में सूत्रों ने बताया कि सिंह विवाह समारोह के लिए शिमला स्थित आवास से रवाना हुए और उसके बाद सुबह सात बज कर करीब 55 मिनट पर छापे शुरू हुए। जांच एजेंसी सिंह तथा उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुए आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक 6.1 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति अर्जित करने के आरोप में जांच कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि कथित बेहिसाब संपत्ति रखने के आरोप में सिंह तथा अन्य के खिलाफ प्राथमिक जांच को अब भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एक नियमित मामले में बदल दिया गया है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, पुत्र विक्रमादित्य सिंह, पुत्री अपराजिता सिंह और एक एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के खिलाफ प्राथमिक जांच की गई।

सूत्रों ने बताया कि आरोप है कि संप्रग सरकार में इस्पात मंत्री के पद पर रहते हुए उन्होंने 2009 से 2011 के बीच 6.1 करोड़ रूपये की संपत्ति अर्जित की। उन्होंने बताया कि आरोपों के मुताबिक सिंह ने केंद्रीय मंत्री के पद पर रहते हुए अपने और अपने परिजन के नाम जीवन बीमा पॉलिसियों में एलआईसी एजेंट चौहान के माध्यम से 6.1 करोड़ रुपये का निवेश किया।

वीरभद्र सिंह और उनके परिवार वाले बेटी के विवाह के लिए रवाना हुए ही थे कि कुछ ही मिनट बाद छापे के लिए 18 सदस्यों का दल पांच वाहनों में मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचा। मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्य छापे के समय आवास पर नहीं थे। वे विवाह के बाद लौटे लेकिन आवास के बाहर खड़े संवाददाताओं से उन्होंने बात नहीं की।

सिंह की पुत्री का यहां स्थित संकट मोचन मंदिर में सुबह करीब 11 बजे सादगीपूर्ण तरीके से विवाह संपन्न हुआ। छापे के बाद वरिष्ठ अधिकारी, मंत्री और कांग्रेस के नेता उनके आवास पर पहुंचे। घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया में भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज और पार्टी प्रवक्ता गणेश दत्त ने वीरभद्र सिंह के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा ‘‘सिंह और उनके परिवार वालों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद से ही हम उनके इस्तीफे की मांग करते आ रहे हैं और अब उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।’’

ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बारे में कुछ आभास हो गया था क्योंकि 11 कैबिनेट मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर भाजपा नीत राजग सरकार पर राज्य में कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने के लिए दबाव की तिकड़मों का उपयोग करने का आरोप लगाया है।

मंत्रियों ने शुक्रवार को यहां जारी हस्ताक्षरित बयान में कहा है ‘‘हमें भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के कद्दावर नेता वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली, लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित लोकप्रिय सरकार को अस्थिर करने के लिए दबाव की तिकड़में अपनाए जाने की आशंका है।’’

मंत्रियों… विद्या स्टोक्स, कौल सिंह ठाकुर, जी एस बाली, सुजान सिंह पठानिया, ठाकुर सिंह भरमौरी, मुकेश अग्निहोत्री, सुधीर शर्मा, प्रकाश चौधरी, धनीराम शांडिल, अनिल शर्मा और करण सिंह ने कहा कि उन्हें आशंका है कि केंद्रीय जांच एजेंसी वीरभद्र सिंह के खिलाफ ‘‘झूठे और गढ़े गए मामले’’ तैयार कर उन्हें फंसा सकती है। उन्होंने कहा कि सिंह के खिलाफ आयकर के मामले पहले ही अदालतों में विचाराधीन हैं।

भाजपा पर इन मंत्रियों ने कांग्रेस के स्थापित नेताओं के खिलाफ झूठी प्राथमिकियां दर्ज करने की कोशिश कर लोगों का ध्यान बंटाने का और अपने ही नेताओं के सवालिया आचरण पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न घोटालों में अपने मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों सहित अपने नेताओं की संलिप्तता के मुद्दे पर भाजपा पूरी तरह अलग थलग पड़ गई है।

उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह के खिलाफ आयकर के मामले आयकर अपीली प्राधिकरणों और अदालतों में लंबित हैं तथा सीबीआई इनकी जांच कर अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट दिल्ली उच्च न्यायालय में पेश कर चुकी है। मंत्रियों ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राजनीतिक नेताओं के कहने पर इसी मामले की एक और प्राथमिक जांच का ‘‘दुर्भावनापूर्ण’’ इरादे से आदेश दिया गया और राज्य के भाजपा नेता पहले ही दावा कर चुके हैं कि वे जांच एजेंसी से मामला दर्ज कराने में सफल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की यह कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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