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सामने आया मनमोहन सरकार का एक और घोटाला, एयर इंडिया के 70 हजार करोड़ के नुकसान की CBI कर रही जांच

सिविल एविएशन मिनिस्टर अशोक गजपति राजू ने कहा कि उनका विभाग जांच में पूरा सहयोग देगा। उन्होंने कहा, हमारे पास जो भी जानकारी होगी, हम उसे एजेंसी के साथ साझा करेंगे।
सिविल एविएशन मिनिस्टर अशोक गजपति राजू ने कहा कि उनका विभाग जांच में पूरा सहयोग देगा। उन्होंने कहा, हमारे पास जो भी जानकारी होगी, हम उसे एजेंसी के साथ साझा करेंगे।

सीबीआई 10 साल पुराने एक सौदे की जांच कर रही है, जिसमें एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस ने 111 विमानों का अधिग्रहण किया था, जिससे वह घाटे में आ गई थी। इस सौदे को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कैबनेट ने मंजूरी दी थी। सिविल एविएशन मिनिस्टर अशोक गजपति राजू ने कहा कि उनका विभाग जांच में पूरा सहयोग देगा। उन्होंने कहा, हमारे पास जो भी जानकारी होगी, हम उसे एजेंसी के साथ साझा करेंगे।

यह था मामला: दिसंबर 2005 में यूपीए सरकार ने एयर इंडिया को बोइंग कंपनी से 68 विमान खरीदने की मंजूरी दी थी। एक साल बाद एयरबस से इंडियन एयरलाइंस ने 43 विमानों की एक डील साइन की। इसके बाद दोनों कंपनियों का ब्रैंड एयर इंडिया में 2007 में विलय हो गया। सोमवार को सीबीआई ने तीन मामले दर्ज किए और इनमें से शुरुआती सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया था। मामलों में 70,000 करोड़ (10.8 बिलियन डॉलर) के विमान खरीदने के आरोपों की जांच करना शामिल है।

सीबीआई ने कहा कि इस अधिग्रहण से पहले से परेशानी में चल रही एयर इंडिया को और नुकसान हुआ। तत्कालीन उड्ड्यन मंत्री प्रफ्फुल पटेल ने सीबीआई के आरोपों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है। सीबीआई यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या बिना किसी विचार के विमानों को पट्टे पर दिया गया। वह यह भी पता लगाएगी कि क्या राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्राइवेट विमान कंपनियों के लिए एयर इंडिया ने अपने मुनाफे वाले मार्गों को छोड़ दिया था, जिससे उनका नुकसान और बढ़ गया।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया को दिए गए 3.6 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज के बाद भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं आया था। इसलिए अब भारत एक सामरिक भागीदार को एयर इंडिया में हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। ब्लूमबर्ग की फरवरी की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रस्ताव के तहत एयर इंडिया के 51 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर उसे 5 वर्षों में फिर से खड़ा किया जाएगा।

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