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पूर्व अंतरिम CBI निदेशक को कोने में बैठने की सजा: पानी देख बोले- ज्यादा पीया तो टॉयलेट जाना पड़ेगा

कोर्ट की अवमानना मामले में सजा पाने वाले सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव का कोर्ट में समय, कोने में बैठे और एनर्जी बार खाते व्यतीत हुआ।

Author February 13, 2019 12:13 PM
सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव।

Ananthakrishnan G

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई के पूर्व अंतरिम प्रमुख एम नागेश्वर राव और एजेंसी के कानूनी सलाहकार एस भासूरन को अवमानना का दोषी ठहराते हुये पूरे दिन कोर्ट रूम में बैठे रहने की सजा सुनाई थी। दोनों अफसरों पर पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। मुजफ्फरनगर शेल्टर होम कांड की जांच कर रहे सीबीआई अफसर एके शर्मा का तबादला करने के मामले में इन दोनों अधिकारियों को कोर्ट की अवमानना का दोषी ठहराया गया। कोर्ट में इस मामले में सुनवाई सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर खत्म हुई। इससे पहले, एक घंटे तक राव और भासूरन कोर्ट के हॉल नंबर 1 में सिर झुकाकर खामोश खड़े रहे। सुनवाई खत्म होने के बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने दोनों से कहा, ‘अब जाइए और कोर्ट में बैठ जाइए जब तक अदालत का दिन पूरा नहीं हो जाता।’

इसके बाद, राव और भासूरन विजिटर्स गैलरी की ओर बढ़ गए। दोनों मेन एंट्रेंस के बगल में दो कॉर्नर सीटों पर बैठ गए। सभी की नजरें उन पर ही थीं। कोर्ट के जुर्माने का सामना कर रहे भासूरन के लिए राव ने कहा, ‘यह मेरी गलती है। मैं उनके लिए भी चुकाऊंगा।’ बता दें कि चीफ जस्टिस, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने दोनों अफसरों की बिना शर्त माफी को भी कबूल नहीं किया। दोपहर 1 बजे जैसे ही लंच ब्रेक हुआ, सीबीआई अफसर और कई वकील राव और भासूरन के पास पहुंचे। कुछ ने बातचीत की तो कुछ ने हाथ मिलाने की कोशिश की। कुछ तेलुगू भाषी वकीलों ने भी राव से बातचीत करने की कोशिश की। राव ने सबको खुश किया।

एक वकील एनर्जी बार जैसी कोई चीज लेकर पहुंचा। राव और भासूरन ने उसे तुरंत खाया। एक अन्य बिस्किट और नमकीन लेकर आया, लेकिन राव ने नहीं लिया। इसी वक्त कोर्ट के ऑफिसर सिक्योरिटी के ऑफिसर इन चार्ज पहुंचे और उन्होंने वकीलों से स्नैक्स ले जाने को कहा क्योंकि इसे कोर्ट में ले जाने की इजाजत नहीं है। एक सीबीआई अफसर ने तो राव से यह भी पूछा कि क्या उन्हें किसी दवा की जरूरत है? राव ने मना कर दिया। इसके बाद, वह एक वकील की ओर मुड़े और कोर्ट में लगे दो तस्वीरों के बारे में जानकारी मांगी।  एक पत्रकार ने बताया, ‘हरिलाल जे कनिया (देश के पहले चीफ जस्टिस) और बिजन कुमार मुखर्जी (चौथे चीफ जस्टिस)।’

इसके बाद, राय से चाय पीने का भी ऑफर किया गया। उन्होंने विनम्रता पूर्वक मना कर दिया। साथ ही कहा, ‘चाय या किसी अन्य चीज की मनाही है। सिर्फ पानी की इजाजत है।’ इसके बाद, कई पानी की बोतलें आ गईं, जिन्हें राव ने लौटा दिया। उन्होंने कहा कि और पानी पिया तो उन्हें टॉयलेट जाना होगा।

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