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खुद सजा भोगते हुए सुनी अनिल अंबानी की कोर्ट में पेशी की खबर, बोले पूर्व अंतरिम CBI निदेशक- अवमानना का मौसम चल रहा है

एक वकील ने राव को बताया कि कारोबारी अनिल अंबानी भी अवमानना के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। राव ने पूछा, सिविल या क्रिमिनल। वकील ने बताया कि यह सिविल का मामला है।

Author February 13, 2019 9:06 AM
नागेश्वर राव ने सजा भोगते हुए अनिल अंबानी की कोर्ट में पेशी पर कही ये बात। (express photo/pti)

सीबीआई के पूर्व अंतरिम प्रमुख एम नागेश्वर राव को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक ऐसी सजा, जो कम ही सुनने को मिलती है। कोर्ट ने राव से कहा कि वह पूरे दिन अदालत के कोने में बैठे रहेंगे। राव और उनके कानूनी सलाहकार भासूरन पर अदालत ने 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। दरअसल, एक अफसर के तबादले के मामले में अवमानना का दोषी मानते हुए कोर्ट ने इन दोनों को यह सजा दी। कोर्ट में बैठे रहने के दौरान कई वकील और अफसर राव का हालचाल जानने पहुंचे। कुछ ने उन्हें पानी स्नैक्स ऑफर किया तो कुछ ने उन दोनों से बातचीत करने में दिलचस्पी दिखाई।

इसी क्रम में एक वकील ने राव को बताया कि कारोबारी अनिल अंबानी भी अवमानना के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। राव ने पूछा, सिविल या क्रिमिनल। वकील ने बताया कि यह सिविल का मामला है। राव ने कहा, ‘यानी यह अवमानना का मौसम चल रहा है।’ वहीं, राव की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि दोनों अफसर बेहद शर्मिंदा हैं और माफी मांगना चाहते हैं। हालांकि, सीजेआई इससे टस से मस नहीं हुए। उन्होंने कहा, ‘हमने कोर्ट खत्म होने तक बैठने कहा है। अभी हम उठे नहीं हैं। क्या आप चाहते हैं कि हम कल तक के लिए बैठने कह दें?’

इसपर वेणुगोपाल ने कहा कि अफसरों को ऐसा लगता है कि कोर्ट का दिल पसीज जाएगा। सीजेआई ने तुरंत जवाब दिया, ‘हम अपना काम प्रभावी तरीके से नहीं कर पाएंगे अगर हमारा दिल पसीजना शुरू हो जाए।’ इसके बाद, सीजेआई ने अफसरों से कहा, ‘आप दोनों को सजा मिली है, क्या आप समझ रहे हैं? वहां बैठिए जहां आपको बैठने के लिए कहा गया है।’ कोर्ट का काम शाम साढ़े 3 बजे खत्म हो गया। हालांकि, बिना स्पष्ट निर्देश के अफसरों ने जाने से मना कर दिया। बाद में कोर्ट मास्टर के निर्देश के बाद दोनों शाम सवा 4 बजे कोर्ट से चले गए।

बता दें कि कोर्ट ने राव और भासूरन को सजा देने से पहले भी कुछ कहने का मौका दिया था क्योंकि उनकी यह सजा 30 दिन की हो सकती थी। बेंच ने दोनों अधिकारियों से पूछा, ‘‘आप कुछ कहना चाहते हैं?’’इस पर सीबीआई और उसके अधिकारियों की ओर से अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कोर्ट से कानून के मुताबिक दूसरे विकल्पों पर गौर करने और नरमी बरतने का अनुरोध किया। दोनों अधिकारियों के बचाव को अस्वीकार करते हुये बेंच ने कहा कि हालांकि उन्होंने बिना शर्त माफी मांगी है,  लेकिन कोर्ट उनके द्वारा दी गयी दलीलों से सहमत नहीं हैं।
(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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