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अगस्ता वेस्टलैंड केसः सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट, एक भी नेता का नाम नहीं, क्रिश्चियन मिशेल, राजीव सक्सेना मुख्य आरोपी

पूर्व रक्षा सचिव, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल शशिकांत शर्मा, पूर्व एयर वाइस मार्शल जसबीर सिंह पनेसर का भी नाम इस चार्जशीट में नहीं है।

agustawestland case cbi vvip helicopter scamअगस्ता वेस्टलैंड केस में सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट। (एक्सप्रेस फोटो)

सीबीआई ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में शुक्रवार को सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीबीआई की इस चार्जशीट में मुख्य बिचौलिए क्रिस्चियन मिशेल जेम्स, राजीव सक्सेना और 13 अन्य लोगों के नाम शामिल हैं, जिनमें कुछ सरकारी अधिकारियों के नाम भी हैं। गौरतलब है कि इस चार्जशीट में एक भी नेता का नाम शामिल नहीं है।

इसके अलावा पूर्व रक्षा सचिव, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल शशिकांत शर्मा, पूर्व एयर वाइस मार्शल जसबीर सिंह पनेसर का भी नाम इस चार्जशीट में नहीं है। दरअसल सीबीआई ने बीते मार्च में ही उक्त अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की सरकार से इजाजत मांगी थी लेकिन सरकार ने अभी तक इसकी इजाजत नहीं दी है।

बता दें कि क्रिश्चियन मिशेल को दिसंबर 2018 में यूएई से प्रत्यर्पित किया गया था और ऐसी चर्चाएं थीं कि वह कई नेताओं के नामों का खुलासा कर सकता है, जिन्हें शायद डील के लिए भुगतान किया गया होगा। हालांकि सूत्रों के अनुसार, जिन 15 आरोपियों के नाम चार्जशीट में हैं, उनमें एक भी नेता का नाम शामिल नहीं है।

क्रिश्चियन मिशेल के खिलाफ ईडी ने बीते साल अप्रैल में भी एक चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी इस मामले की मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। ईडी की चार्जशीट में बताया गया है कि मिशेल ने स्विटजरलैंड से मिले एक हाथ से लिखे बजट शीट में एपी का मतलब अहमद पटेल बताया है।

इसके साथ ही चार्जशीट के अनुसार, मिशेल ने ‘इटैलियन लेडी के बेटे’ और ‘भारत के अगले प्रधानमंत्री’ का भी जिक्र फिनमेकेनिका को लिखे पत्र में किया है। फिनमेकेनिका ही अगस्ता वेस्टलैंड की मूल कंपनी है।

सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, डील में अगस्ता वेस्टलैंड को फायदा पहुंचाने के लिए तकनीकी जरूरतों में बदलाव किए गए थे। मिशेल के अलावा दो अन्य दलालों के नाम भी इसमें शामिल हैं, जिनमें कार्लो गेरोसा और गुइडो हैशके का नाम शामिल है। चार्जशीट के अनुसार, मिशेल रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ डील कर रहा था।

 

वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील के तहत 70 मिलियन यूरो ऑफसैट कैटेगरी में मिशेल सहित अन्य दलालों की शैल कंपनियों को शिफ्ट किए जाने थे। जिनमें से मिशेल की शैल कंपनी को 42 मिलियन यूरो मिलने थे और हैशके की शैल कंपनी को 28 मिलियन यूरो मिलने थे। चार्जशीट के अनुसार, ऑफसैट कैटेगरी की कुल रकम में से 30 फीसदी ही इस्तेमाल की जानी थी और बाकी इन शैल कंपनियों को भेजी जानी थी।

चार्जशीट में अन्य आरोपी राजीव सक्सेना इन शैल कंपनियों को रकम डाइवर्ट करने का आरोपी है। बता दें कि साल 1999 में भारतीय वायुसेना ने वीवीआईपी को लाने ले जाने के लिए 12 हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए प्रस्ताव मांगे थे। यह डील 3600 करोड़ में साल 2010 में अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी को दी गई थी। हालांकि डील में धांधली की खबर सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था।

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