CBI Director Ranjit Sinha Light Sleep During Narendra Modi Speech - Jansatta
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नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान झपकी लेते रहे सीबीआई प्रमुख

देश की प्रमुख खुफिया एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक रणजीत सिन्हा उस समय फिर झपकी लेते दिखायी दिए जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शीर्ष पुलिस अधिकारियों को ‘‘स्मार्ट पुलिसिंग’’ की आवश्यकता बता रहे थे। टेलीविजन कैमरा में सिन्हा को झपकी लेते हुए दिखाया गया और उस वक्त प्रधानमंत्री सुरक्षाकर्मियों से सचेत एवं जवाबदेह बनने […]

Author December 1, 2014 1:42 PM
पहले दिन (शनिवार को) गृह मंत्री राजनाथ सिंह के भाषण के दौरान भी सीबीआई निदेशक सोते हुए दिखाई दिये थे। (फोटो: पीटीआई)

देश की प्रमुख खुफिया एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक रणजीत सिन्हा उस समय फिर झपकी लेते दिखायी दिए जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शीर्ष पुलिस अधिकारियों को ‘‘स्मार्ट पुलिसिंग’’ की आवश्यकता बता रहे थे।

टेलीविजन कैमरा में सिन्हा को झपकी लेते हुए दिखाया गया और उस वक्त प्रधानमंत्री सुरक्षाकर्मियों से सचेत एवं जवाबदेह बनने की जरूरत के बारे में कह रहे थे। सीबीआई प्रवक्ता ने फुटेज पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

गुवाहाटी में इंटेलीजेंस ब्यूरो की तरफ से आयोजित डीजीपी के 49वें वार्षिक सम्मेलन में रविवार को लगातार दूसरे दिन सीबीआई प्रमुख सोते हुए दिखाई पड़े। पहले दिन (शनिवार को) गृह मंत्री राजनाथ सिंह के भाषण के दौरान भी वह सोते हुए दिखे थे।

उस समय गृह मंत्री हाईप्रोफाइल श्रोताओं से कह रहे थे कि सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी अपने वृहद् अनुभव से भी भारत की सुरक्षा में योगदान कर सकते हैं।
टूजी घोटाले और कोयला घोटाले में सीबीआई जांच को लेकर विवादों में रहे सिन्हा दो दिसम्बर को सेवानिवृत होने वाले हैं। सिन्हा पर आरोप है कि इन घोटालों से जुड़े कई लोगों से वह मिलते रहे हैं।

इस महीने की शुरुआत में उच्चतम न्यायालय ने सिन्हा के खिलाफ लगे आरोपों पर सुनवाई करते हुए उन्हें टूजी घोटाले की जांच से हटा दिया था।
मोदी ने अधिकारियों से कहा, ‘‘स्मार्ट पुलिसिंग से मेरा तात्पर्य है एस से स्ट्रीक्ट एंड सेंसिटीव, एम से मॉडर्न एंड मोबाइल, ए से अलर्ट एंड अकाउंटेबल, आर से रिलायबल एंड रिस्पांसिव और टी से टेक्नो सैवी एंड ट्रेन्ड ।’’

उन्होंने कहा कि पुलिस बल को इन मूल्यों को अपनाना चाहिए ताकि बेहतरीन पुलिसिंग की जा सके ताकि जागरूकता एवं चेतना लायी जा सके, इसकी छवि और कार्य संस्कृति सुधारी जा सके।

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