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यस बैंक को 466 करोड़ की चपत लगाने वाले गौतम थापर पर सीबीआई का शिकंजा

मामला दर्ज करने के बाद सीबीआई की टीम ने आरोपियों के परिसरों सहित दिल्ली और एनसीआर, लखनऊ (उत्तर प्रदेश), सिकंदराबाद (तेलंगाना) और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में 14 स्थानों पर तलाशी ली।

Edited By Sanjay Dubey नई दिल्ली | Updated: June 9, 2021 6:25 PM
दक्षिण कोलकाता में प्रिंस अनवर शाह रोड पर यस बैंक की शाखा। (फोटो- पार्थ पॉल- इंडियन एक्सप्रेस)

सीबीआई ने वर्ष 2017-19 के बीच 466 करोड़ रुपये से अधिक सरकारी धन कथित रूप से यस बैंक में लगाने के मामले में दिल्ली तथा एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की। इससे पहले, इस मामले में गौतम थापर, अवंथा रियल्टी तथा अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि सरकारी धन को कथित तौर पर यस बैंक में लगाने से जुड़े एक अन्य मामले में थापर के खिलाफ पहले ही जांच की जा रही है। यह मामला बैंक के पूर्व प्रमुख राणा कपूर से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान मामले में सीबीआई ने रघुबीर कुमार शर्मा, राजेंद्र कुमार मंगल, तापसी महाजन और उनकी कपंनियों ऑयस्टर बिल्डवैल प्रा.लि., अवंथा रियल्टी प्रा.लि. के खिलाफ तथा झाबुआ पॉवर लिमिटेड के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी आशीष विनोद जोशी की 27 मई 2021 को दी गई शिकायत पर दर्ज किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज करने के बाद सीबीआई के दल ने आरोपियों के परिसरों समेत दिल्ली और एनसीआर में कम से कम 15 स्थानों पर छापे मारे।

वर्तमान मामले में सीबीआई ने ऑयस्टर बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों- रघुबीर कुमार शर्मा, राजेंद्र कुमार मंगल और तापसी महाजन के साथ-साथ अवंता रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड और झाबुआ पावर लिमिटेड के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने आरोप लगाया कि ऑयस्टर बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड (ओबीपीएल) अवंता समूह का हिस्सा है, जिसमें अवंता रियल्टी के पास 97 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है और शेष थापर और वाणी एजेंसियों के पास है।

यह मामला बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी आशीष विनोद जोशी की 27 मई, 2021 की शिकायत पर दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 466.15 करोड़ रुपए के सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के लिए आपराधिक साजिश रचने, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और जालसाजी करने में आरोपी लिप्त रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मामला दर्ज करने के बाद सीबीआई की टीम ने आरोपियों के परिसरों सहित दिल्ली और एनसीआर, लखनऊ (उत्तर प्रदेश), सिकंदराबाद (तेलंगाना) और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में 14 स्थानों पर तलाशी ली।

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