ताज़ा खबर
 

जम्मू और कश्मीरः बढ़ीं पूर्व मंत्री की मुश्किलें! CBI ने परिवार के शिक्षा न्यास के खिलाफ दर्ज किया केस

समाचार एजेंसी पीटीआई ने मंगलवार को यह जानकारी दी। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि इन सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

Author जम्मू | Updated: September 15, 2020 3:45 PM
CBI, CBI Search, Residence, Former J&K Minister, Lal Singhएक कंपनी में रेड मारने के बाद CBI अफसर। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः पार्था पॉल)

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री लाल सिंह के परिवार और कुछ सरकारी कर्मचारियों द्वारा कठुआ में संचालित शिक्षा न्यास (ट्रस्ट) के खिलाफ आपराधिक विश्वास भंग तथा भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है।

सीबीआई ने यह मामला ट्रस्ट की स्थापना के लिए जमीन की खरीद में अनियमितताओं की जांच के लिए दर्ज किया है। यह जानकारी अधिकारियों ने मंगलवार को दी। साथ ही बताया कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के संबंध में मंगलवार को नौ -जम्मू में तीन और कठुआ में छह- स्थानों पर छापेमारी की। ‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा सम्पर्क किये जाने पर सिंह ने कहा, ‘‘सीबीआई अपना काम कर रही है।’’

अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकी आर बी एजुकेशनल ट्रस्ट के खिलाफ उसकी अध्यक्ष एवं सिंह की पत्नी कांता अंदोत्रा, कठुआ के पूर्व उपायुक्त अजय सिंह जामवाल, मारहीन के पूर्व तहसीलदार अवतार सिंह एवं अन्य के जरिये दर्ज की गई है।

अधिकारी बोले- यह प्राथमिकी इस आरोपों पर दर्ज की गई है कि ट्रस्ट को अधिकतम सीमा से अधिक जमीन हासिल करने में सुविधा प्रदान की गई और इसके समर्थन में एक झूठा हलफनामा दायर किया गया जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।

उनके अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गत जून में ट्रस्ट और अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ एक प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी। सीबीआई ने प्रारंभिक जांच करने के बाद अब प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने कहा कि ट्रस्ट भूमि पर एक स्कूल, बीएड एवं नर्सिंग कॉलेज संचालित करता है जिसके लेनदेन की जांच जमीन की खरीद में कथित अनियमितताओं के लिए केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जा रही है।

अफसरों का कहना है कि सीबीआई की प्रारंभिक जांच में आरोप लगाया गया है कि ट्रस्ट को ऐसे अवैध कृत्यों से लाभ हुआ और जम्मू कश्मीर कृषि सुधार कानून, 1976 के तहत निर्धारित अधिकतम सीमा के घोर उल्लंघन के साथ जमीन के बड़े हिस्से पर अब भी उसका कब्जा है।

सिंह ने गत वर्ष भाजपा छोड़ दी थी डोगरा स्वाभिमान संगठन की स्थापना की थी। सिंह और तत्कालीन उद्योग मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा ने 2018 में पीडीपी-भाजपा सरकार से तब इस्तीफा दे दिया था जब एक हिंदू एकता मंच रैली में उनके हिस्सा लेने पर सवाल उठाये गए थे। उक्त रैली का आयोजन उस वर्ष कठुआ में आठ वर्षीय बालिका से बलात्कार और हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार व्यक्तियों के समर्थन में किया गया था।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 COVID-19: गाने या फिर बात करने से भी फैलता है संक्रमण? जानें
2 Birthday Special: ‘तहलका’ मचाने वाले सुब्रमण्यन स्वामी ने तब अटल सरकार और गांधी परिवार के लिए खड़ी की थी मुश्किलें, इंदिरा से दुश्मनी यूं पड़ी थी भारी
3 VIDEO: डिबेट में अर्शी खान से भिड़ गए संबित पात्रा, पूछ दिया PoK का फुलफॉर्म तो होने लगी जमकर तू-तू मैं-मैं
ये पढ़ा क्या?
X