CBI on Railways Corruption: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने तीन राज्यों में रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के छह अधिकारियों को रिश्वतखोरी के तीन अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया है।

अधिकारियों पर निजी कंपनियों के बिल पास करने और आधिकारिक कार्यों को निपटाने के बदले अवैध रूप से रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का गंभीर आरोप है। सीबीआई ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर लाखों रुपये कैश, आभूषण और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।

जयपुर में उत्तर पश्चिम रेलवे के तीन अधिकारी गिरफ्तार

पहला मामला जयपुर का है, जहां सीबीआई ने उत्तर पश्चिम रेलवे के एक कार्यालय अधीक्षक के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया। आरोप है कि यह अधिकारी एक निजी कंपनी के बिलों को आसानी से पास करने के बदले अवैध राशि की मांग कर रहा था।

सीबीआई की जांच में सामने आया कि इसमें कुछ अन्य सरकारी कर्मचारी और नवी मुंबई स्थित एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि भी शामिल थे। सीबीआई ने 13 अगस्त को जाल बिछाकर जयपुर में उत्तर पश्चिम रेलवे के कार्यालय अधीक्षक, एक सहायक वित्तीय सलाहकार और एक वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी को गिरफ्तार किया।

इनके साथ नवी मुंबई की कंपनी के एक कर्मचारी को भी धर दबोचा गया। इस दौरान ₹1.46 लाख की रिश्वत राशि बरामद की गई। इसके बाद जयपुर और दिल्ली में कई ठिकानों पर की गई छापेमारी में ₹9 लाख नकद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कई दस्तावेज जब्त किए गए।

बीकानेर में बिल पास कराने के नाम पर ली जा रही थी घूस

रिश्वतखोरी का दूसरा मामला उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के बीकानेर मंडल का है। यहाँ के वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी पर बीकानेर मंडल के तहत एक निजी कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों से जुड़े बिलों को पास करने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगा था।

आरोप था कि यह अधिकारी कोलकाता की एक निजी कंपनी के प्रतिनिधियों और अन्य कर्मचारियों के साथ साठगांठ कर काम कर रहा था। सीबीआई की टीम ने 13 अगस्त को त्वरित कार्रवाई करते हुए बीकानेर के वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी और एक लेखा सहायक (Account Assistant) को कोलकाता की कंपनी के कर्मचारी के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

इनके पास से ₹1.20 लाख की घूस राशि बरामद हुई। इसके बाद बीकानेर और जयपुर में अलग-अलग जगहों पर की गई तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।

भिलाई में सीनियर रेलवे अफसर रिश्वत लेते रंगे हाथों धराया

तीसरा और सबसे बड़ा मामला छत्तीसगढ़ के भिलाई का है, जहां सीबीआई ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में तैनात इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स कैडर के वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर को गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसके पेंडिंग बिलों को पास करने के एवज में इस अधिकारी ने ₹2 लाख की घूस मांगी थी। बाद में सौदा ₹1 लाख में तय हुआ था।

सीबीआई ने 13 अगस्त को जाल बिछाया और अधिकारी के इशारे पर शिकायतकर्ता से ₹50,000 की पहली किस्त (पार्ट पेमेंट) वसूलते हुए एक बिचौलिए को पकड़ लिया। बिचौलिए के पकड़े जाने के बाद सीबीआई ने सीनियर डीएमई को भी गिरफ्तार कर लिया।

रायपुर और भिलाई में छापेमारी

वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उनके रायपुर और भिलाई स्थित आवासीय और आधिकारिक ठिकानों पर जोरदार छापेमारी की। तलाशी के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए, जब वहाँ से लगभग ₹77 लाख रुपये नकद और करीब ₹14 लाख मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण मिले।

सीबीआई ने Senior DME और बिचौलिए दोनों को 14 अगस्त को गिरफ्तार कर सक्षम अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सीबीआई का कहना है कि तीनों ही मामलों में आगे की जांच और पूछताछ जारी है।

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