CBI Action on Indian Railways Corruption: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भारतीय रेलवे में जारी भ्रष्टाचार पर एक बड़ा एक्शन लेते हुए मुंबई, वाराणसी और हावड़ा में अलग-अलग रिश्वतखोरी के मामलों में तीन बड़े रेलवे अधिकारियों और IRCTC के एक कर्मचारी समेत निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों को गिरफ्तार किया है।

सीबीआई की यह कार्रवाई कुल 3.98 लाख रुपये से जुड़े रिश्वत के मामले और अन्य कई भ्रष्टाचार की शिकायतों के आधार पर की गई है। अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसे अन्य कई बड़े एक्शन लिए जा सकते हैं।

मुंबई में 3.98 लाख की रिश्वत का मामला

पहला प्रमुख मामला मुंबई का है, जहां 22 जुलाई 2026 को सीबीआई ने IRCTC के पश्चिम जोन कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी और कोलकाता स्थित अराहा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को गिरफ्तार किया। आरोप है कि IRCTC अधिकारी ने कंपनी के बकाया बिलों को पास कराने के बदले अपने बैंक खाते में दो किश्तों में कुल 3.98 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।

जांच के दौरान निजी कंपनी के निदेशक से 4.49 लाख रुपये और 13,200 रुपये नकद जब्त किए गए, साथ ही आरोपियों के मोबाइल से आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट और फाइलों के कागजात भी सीबीआई ने कब्जे में ले लिए हैं। अदालत ने दोनों आरोपियों को 27 जुलाई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

वाराणसी में 1.7 लाख घूस का मामला

दूसरा मामला उत्तर प्रदेश के वाराणसी का है, जहां 23 जुलाई 2026 को सीबीआई ने उत्तर पूर्वी रेलवे के वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक (सीनियर DMM) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। अधिकारी ने एक निजी फर्म के मालिक से ₹9.47 लाख के फर्नीचर आपूर्ति के लंबित भुगतान को जारी करने और भविष्य में नए ठेके देने के नाम पर 1.70 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

शिकायत के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को 1,70,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा, जिसके बाद लखनऊ की अदालत ने उसे 7 अगस्त 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

हावड़ा में भी हुआ एक्शन

तीसरा मामला हावड़ा का है, जहां 25 जुलाई 2026 को सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए दक्षिण पूर्वी रेलवे के चक्रधरपुर डिवीजन के उप मुख्य सिग्नल और दूरसंचार अभियंता (Dy. CSTE) को कोलकाता की एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के दो प्रतिनिधियों के साथ गिरफ्तार किया।

अधिकारी पर अनुबंध परिवर्तन की फाइलों (PVC) को मंजूरी देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है, जिसके लिए वह पहले भी 5 लाख रुपये ले चुका था। सीबीआई ने हावड़ा रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को 4 लाख रुपये की अतिरिक्त रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा।

सीबीआई की छापेमारी और बरामद दस्तावेज

इस पूरी कार्रवाई के तहत पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में आरोपियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज बरामद हुए हैं।

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय बाद रिश्वतखोरी का इतना बड़ा मामला सामने आया है और यह कार्रवाई रेलवे तथा सरकारी विभागों से भ्रष्टाचार मिटाने की उनकी शून्य-सहनशीलता नीति को दर्शाती है।

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