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विजय माल्‍या पर सीबीआई ने मानी गलती, राहुल गांधी बोले- पीएम ने करवाया होगा

कांग्रेस अध्यक्ष इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले थे, "जो अरेस्ट नोटिस था, उसे इन्फॉर्म नोटिस में किसने बदला? यह काम वही कर सकता है, जो सीबीआई पर नियंत्रण रखता हो। अरुण जेटली लंबे बयान देते हैं। अगर उन्होंने यह किया, तो बता दें।"

विजय माल्या के मामले को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर सवाल खड़े किए हैं। (फोटोः पीटीआई/रॉयटर्स)

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी गलती कबूल ली है। लुकआउट नोटिस पर सीबीआई ने साफ किया है कि नोटिस में हुआ बदलाव एरर ऑफ जजमेंट था। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। शुक्रवार (14 सितंबर) को उन्होंने ट्वीट कर कहा, “सीबीआई ने गुप-चुप तरीके से नोटिस में ‘हिरासत’ को ‘माल्या के बारे में सूचना’ देने कर दिया था। यही वजह है कि माल्या इतनी आसानी से देश से भाग निकले। सीबीआई सीधे पीएम को रिपोर्ट करती है। ऐसे हाईप्रोफाइल और विवादित मामले में बिना पीएम की मंजूरी के इस तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने गुरुवार (13 सितंबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाए थे, “जो अरेस्ट नोटिस था, उसे इन्फॉर्म नोटिस में किसने बदला? यह काम वही कर सकता है, जो सीबीआई पर नियंत्रण रखता हो। अरुण जेटली लंबे बयान देते हैं। अगर उन्होंने यह किया, तो बता दें। अगर उन्हें ऊपर से आदेश मिला था, तो बता दें कि वह ऑर्डर उन्हें ऊपर से आया था।” राहुल ने इस कॉन्फ्रेंस में पीएम का नाम लिए बगैर उन पर व उनकी सरकार पर सवालिया निशान लगाए।

उधर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा ने भी इस नोटिस को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। एक चैनल से उन्होंने कहा, “उनको (केंद्र सरकार) पता होना चाहिए था। उनको पता था कि लुकआउट नोटिस है, तो उन्होंने अथॉरिटी को क्यों नहीं सचेत किया कि इन्हें (माल्या को) बाहर जाने से रोका जाए। तत्काल उन्हें हरकत में आना चाहिए था और कार्रवाई करनी चाहिए थी।”

माल्या के खिलाफ सबसे पहला लुकआउट नोटिस 12 अक्टूबर 2015 को जारी हुआ था। वह उस दौरान विदेश में थे। सीबीआई के मुताबिक, नोटिस में ‘हिरासत’ को ‘माल्या के बारे में सूचना’ देने की बात एरर ऑफ जजमेंट थी। सीबीआई ने इस गलती के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि माल्या तब जांच में सहयोग कर रहे थे और उनके खिलाफ कोई वारंट भी नहीं था, लिहाजा नोटिस में वह बदलाव हुआ था।

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