Cauvery water row: Supreme Court Ready to hear Tamil Nadu plea - Jansatta
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कावेरी जल विवाद: पानी छोड़ने के तमिलनाडु की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगी सुनवाई

तमिलनाडु ने कर्नाटक को ‘न्याय के हित में’ तमिलनाडु की कृषि योग्य भूमि की सिंचाई के लिए 50.052 टीएमसी फुट कावेरी जल छोड़ने का निर्देश देने का अनुरोध किया।

Author नई दिल्ली | August 26, 2016 7:25 PM
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार की एक याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करने पर शुक्रवार (26 अगस्त) को सहमति जताई जिसमें कावेरी जल विवाद के बाद उसकी सिंचाई की मांगों को पूरा करने के लिए कर्नाटक से 50 टीएमसी पानी छोड़ने का अनुरोध किया गया। तमिलनाडु सरकार द्वारा इस मामले का जिक्र करने और तत्काल सुनवाई का अनुरोध करने के बाद प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले के लिए दो सितंबर की तारीख तय की। याचिका में तमिलनाडु ने कर्नाटक पर वर्ष 2007 के कावेरी जल विवाद निपटारा न्यायाधिकरण के अंतिम आदेशों का उल्लंघन करके अघोषित परियोजनाओं के लिए किसानों के जल की धारा बदलने का आरोप लगाया।

तमिलनाडु ने कर्नाटक को ‘न्याय के हित में’ तमिलनाडु की कृषि योग्य भूमि की सिंचाई के लिए 50.052 टीएमसी फुट कावेरी जल छोड़ने का निर्देश देने का अनुरोध किया। याचिका में यह सुनिश्चित करने के लिए अदालत के हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया कि कर्नाटक 20 अगस्त से शुरू हुए 2016-17 सिंचाई वर्ष के बाकी के समय के लिए न्यायाधिकरण के 2007 के आदेश के अनुरूप तय पानी छोड़े। इस बीच, न्यायमूर्ति गोपाल गौड़ा और न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की एक अन्य पीठ ने तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल सहित विभिन्न पक्षों द्वारा दायर कावेरी जल विवाद निपटारा न्यायाधिकरण के फैसले को लागू करने संबंधी याचिकाओं और जवाबी याचिकाओं को शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार के पास भेजा।

सहमति वाले 17 मसौदा मुद्दों की विस्तृत सूची को भी पीठ के सामने रखा गया और पीठ ने इस मामले को कार्यवाही पूरी करने के लिए रजिस्ट्रार के पास भेजा। इससे पूर्व शीर्ष अदालत ने सीडब्ल्यूडीटी फैसले को लागू करने के लिए कावेरी प्रबंधन बोर्ड स्थापित करने की तमिलनाडु सरकार की एक याचिका के तत्काल सुनवाई के अनुरोध को ठुकरा दिया।

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