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कावेरी मुद्दा: सिद्धरमैया की जयललिता को चिट्ठी- कन्नड़ भाषियों की सुरक्षा करे तमिलनाडु

कन्नड़ भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताते हुए सिद्धरमैया ने सोमवार (12 सितंबर) को भी ऐसा ही पत्र जयललिता को लिखा था और उनसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा था।

Author बेंगलुरु | September 16, 2016 3:16 AM
कर्नाटक के सीएम सिद्दारमैया। (FIle Photo)

कावेरी मुद्दे पर तमिलनाडु में शुक्रवार (16 सितंबर) को राज्यव्यापी बंद से पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने गुरुवार को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया है कि कन्नड़ भाषी लोगों की जान और माल की हिफाजत की जाए। सिद्धरमैया ने अपने पत्र में लिखा, ‘मैं इस बात से बहुत चिंतित हूं कि कुछ संगठनों ने शुक्रवार को तमिलनाडु में बंद का आह्वान किया है। आप इस बात से सहमत होंगी कि दोनों राज्यों के बीच किसी तरह की कटुता के बढ़ने से दोनों ही राज्यों को सामूहिक नुकसान होगा।’ विज्ञप्ति के रूप में यहां मीडिया को जारी पत्र में कहा गया है, ‘मैं आपसे इस बाबत कदम उठाने का अनुरोध करता हूं कि 16 सितंबर, 2016 को तथाकथित बंद के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं घटे और तमिलनाडु में कन्नड़ भाषी जनता की जान और माल की हिफाजत हो।’ कर्नाटक में तमिलनाडु के लोगों पर हमलों के खिलाफ किसानों और व्यापारियों के संगठनों ने शुक्रवार को बंद का आह्वान किया है। बंद को द्रमुक, एमडीएमके, पीएमके, माकपा, भाकपा और अन्य दलों का समर्थन है।

सिद्धरमैया ने कहा कि कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर अदालतें फैसला कर रही हैं और कावेरी सुपरवाइजरी समिति इसे देख रही है तो बंद और आंदोलनों के माध्यम से कोई फायदा नहीं मिलने वाला। सिद्धरमैया ने जयललिता से मीडिया को भी कावेरी आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम की खबरें जिम्मेदार तरीके से प्रसारित प्रकाशित करने के लिए परामर्श जारी करने का अनुरोध करते हुए कहा, ‘हमने मीडिया को कावेरी आंदोलन से संबंधित घटनाक्रम की रिपोर्टिंग जिम्मेदाराना तरीके से करने की सलाह दी है। मैं आपसे भी ऐसा ही करने का अनुरोध करता हूं।’ सिद्धरमैया ने कहा, ‘मैंने अपने अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को आपके अधिकारियों के साथ संपर्क में रहने का निर्देश दिया है। मैं आपसे भी अनुरोध करता हूं कि अपने अधिकारियों को कर्नाटक में उनके समकक्ष अफसरों से संपर्क में रहने को कहें।

कन्नड़ भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताते हुए सिद्धरमैया ने सोमवार (12 सितंबर) को भी ऐसा ही पत्र जयललिता को लिखा था और उनसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि उनके राज्य में तमिलों के हितों को सुरक्षित रखा जाएगा। इस संदेश के कुछ घंटे बाद ही बेंगलुरु में हिंसा शुरू हो गई थी। तब जयललिता ने सिद्धरमैया को पत्र लिख कर उनसे कर्नाटक में हिंसा को चिंताजनक बताया था। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के पत्र का जिक्र करते हुए सिद्धरमैया ने गुरुवार को कहा, ‘मैं आपको आश्वासन देता हूं कि कर्नाटक सरकार अपने राज्य में रहने वाले सभी लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, फिर चाहे वे किसी धर्म या भाषा से ताल्लुक रखते हों।’ कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा के बाद कुछ ही घंटों में हालात काबू में लाए गए और दंगाइयों के खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की गई। उन्होंने लिखा, ‘मैंने कानून और व्यवस्था तंत्र को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो।’

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