ताज़ा खबर
 

मवेशियों की हिफाजत पर योगी सरकार खर्च कर रही 600 करोड़ रुपए, फिर भी मर रही गायें!

2019-20 के बजट में योगी सरकार ने गायों के कल्याण के लिए तकरीबन 600 करोड़ रुपए आवंटित किए थे, जिसमें 250 करोड़ रुपए ग्रामीण इलाकों में गोशालाएं बनाने और उनके रख-रखरखाव के लिए, 250 करोड़ रुपए इसी काम को शहरी इलाकों में करने के लिए लिए दिए गए थे।

2018 में आवारा मवेशियों द्वारा अपनी फसल खराब कर दिए जाने से आजिज किसानों ने उन्हें सरकारी इमारतों में बांधना शुरू किया था। (प्रतीकात्मक तस्वीरः Freepik)

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार मवेशियों की हिफाजत पर लगभग 600 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। फिर भी सूबे में आए-दिन गायों की जान जा रही हैं। पूर्वी यूपी के बलिया जिले में दो दिन पहले ही राज्य संचालित गोशाला में चार बछड़ों की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार शिव सागर दुबे ने एक मोबाइल वीडियो के जरिए स्पष्ट किया कि इन बछड़ों की मृत्यु भूखे रहने से हुई थी, जबकि प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारी लंबे समय से भुखमरी से गायों की मौतों की बात से किनारा करते आ रहे थे।

उनके मुताबिक, “मृत बछड़ों की लाश देखकर मुझे नहीं लगा कि वे बीमार थे और न ही इस चीज के सबूत मिले। वे चारे की कमी से मरे। मैंने वहां और कोई इंतजामात नहीं पाए। यह यूपी सरकार के प्रवाधानों का सबसे बड़ा गलत इस्तेमाल है।”

दुबे के हालिया दावे से प्रदेश में मवेशियों और गोशालाओं की असल हालत सामने आई है। वह भी तब, जब योगी सरकार गायों की सुरक्षा और कल्याण के लिए करोड़ों रुपए खर्च रही है। इससे पहले, 2018 में आवारा मवेशियों द्वारा अपनी फसल खराब कर दिए जाने से आजिज किसानों ने उन्हें सरकारी इमारतों में बांधना शुरू किया था।

बता दें कि 2019-20 के बजट में योगी सरकार ने गायों के कल्याण के लिए तकरीबन 600 करोड़ रुपए आवंटित किए थे, जिसमें 250 करोड़ रुपए ग्रामीण इलाकों में गोशालाएं बनाने और उनके रख-रखरखाव के लिए, 250 करोड़ रुपए इसी काम को शहरी इलाकों में करने के लिए लिए दिए गए थे।

हालांकि, इस सबके बाद भी गायों की संख्या और हालत दुरुस्त होने का नाम नहीं ले रही। मिर्जापुर और अयोध्या के आस-पास पिछले हफ्ते राज्य संचालित गोशालाओं में मृत गायों की तस्वीरें आने पर हंगामा हुआ था, जिसके बाद सरकार को दबाव में आकर आठ अधिकारियों को निलंबित करना पड़ा था, जबकि बाकियों को चेतावनी जारी करनी पड़ी थी।

इसी बीच, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि राज्य में पिछले हफ्ते लगभग 300 मवेशियों की जान भुखमरी, देखरेख में ढिलाई और अन्य कारणों से चली गई। वहीं, राजधानी लखनऊ से 30 किमी दूर बाराबंकी के सफदरगंज में बीते हफ्ते आठ गायों की जान चली गई। मामले की जांच जारी है, लेकिन सरकार का कहना है कि उनमें से कुछ की मौत बूढ़ी हो जाने के कारण हुई।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App। जनसत्‍ता टेलीग्राम पर भी है, जुड़ने के ल‍िए क्‍ल‍िक करें।

Next Stories
1 बीजेपी नेता नरेश अग्रवाल ने आजम खान को बताया ‘कोढ़’! जानें क्या बोले
2 Kerala Akshaya Lottery AK-404 Results: आज इन लोगों को मिला लाखों रुपए का इनाम, यहां देखें पूरी लिस्ट
3 पश्चिम बंगाल में फिर बवाल: बाजार में इकट्ठा हो हनुमान चालीसा पढ़ने लगे बीजेपी समर्थक, पुलिस ने खदेड़ा