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पशु व्यापारी की पिटाई से मौत, पुलिस पर आरोप- बजरंग दल कार्यकर्ताओं से मिलकर दिखा दिया हार्ट अटैक

हुसैनअब्बा की मौत की आतंरिक जांच में पता चला है कि हिरिअदका थाने के तीन पुलिसकर्मियों ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पीड़ित के साथ हुई निर्मम मारपीट को हार्ट अटैक बता दिया। पुलिस ने जांच के बाद 11 आरोपियों की गिरफ्तार किया है।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की फाइल फोटो।

कर्नाटक के उडुपी जिले में पशु व्यापारी हुसैनअब्बा की मौत पर उठा विवाद अब गहराने लगा है। इस मामले में पुलिस पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं से मिलीभगत का भी आरोप लगा है। हुसैनअब्बा की मौत की आतंरिक जांच में पता चला है कि हिरिअदका थाने के तीन पुलिसकर्मियों ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पीड़ित के साथ हुई निर्मम मारपीट को हार्ट अटैक बता दिया। पुलिस ने जांच के बाद 11 आरोपियों की गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन पुलिसकर्मी सब इंस्पेक्टर डीएन कुमार, हेड कांस्टेबल मोहन कोतवाल और पुलिस जीप का ड्राइवर गोपाल शामिल हैं। पुलिस ने बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं सुरेश मेंडन, रतन, चेतन आचार्य, प्रसाद कोंडाडी, उमेश शेट्टी, शैलेष शेट्टी और गणेश को भी गिरफ्तार किया है। उडुपी के स्थानीय न्यायालय ने गिरफ्तार पुलिसकर्मियों को सेवा से सस्पेंड करने के बाद सभी 11 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में जया (37) को भी इस केस से ताल्लुक होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह हुसैनअब्बा के साथ यात्रा कर रही थी और अपराध के बाद मौके से भागने में सफल रही थी।

उडुपी जिले के एसपी लक्ष्मण निमबर्गी ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने खुलासा किया कि 30 मई की सुबह हुए अपराध के बारे में पूछताछ में काफी बातों का पता चला है। एक आरोपी ने बताया,”हिरिअदका पुलिस ने देर रात करीब एक बजे एक पिकअप ट्रक अवैध रूप से मवेशियों को लेकर जा रहा है। ये ट्रक थाने के कानूनी सीमाओं से गुजरने वाला है। सुबह चार बजे पुलिस अधिकारियों के साथ बजरंग दल कार्यकर्ता सुरेश मेंडन, उमेश शेट्टी और रतन ने इस पिकअप गाड़ी को पेरदूर के पास पकड़ लिया। इसके बाद आरोपियों ने हुसैनअब्बा पर हमला बोल दिया। उन्होंने गाड़ी तोड़ दी और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस अधिकारी हुसैनअब्बा को हिरासत में लेकर थाने लाए, लेकिन थाने आने से पहले ही उसने गाड़ी की पिछली सीट पर दम तोड़ दिया। आरोपियों के साथ पुलिसवाले उसके शरीर को एक किलोमीटर दूर लेकर आए और बाद में दिन में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज करवा दिया। पुलिसकर्मियों का दावा था कि हुसैनअब्बा की मौत हार्ट अटैक से हुई है। हालांकि गिरफ्तार लोगों का आमना—सामना करवाने पर सारी हकीकत सामने आ गई। आरोपी पुलिसकर्मियों ने साफ किया कि वह आरोपियों के साथ थे।

एसपी ने पुष्टि की है कि गाड़ी में लदा हुआ मवेशी चोरी का नहीं था। लेकिन उसका परिवहन जरूर अवैध तरीके से किया जा रहा था। आंतरिक जांच में पता चलने वाले तथ्यों से पीड़ित के घर वालों को जरूर राहत मिली है। जिन्होंने शुरू से कहा था कि हुसैनअब्बा की मौत हार्टअटैक से नहीं हुई है। पुलिस ने हुसैनअब्बा के भाई मोहम्मद इस्माइल की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

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