Falta Election Result 2026: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की बढ़त लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती दिख रही है। इसी बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “कुख्यात ‘डायमंड हार्बर’ मॉडल अब ‘तृणमूल के घाटे’ मॉडल में तब्दील हो चुका है। सर्वप्रथम, मैं फाल्टा की जनता को नमन करता हूं। उन परम पूज्यों को जिन्होंने फाल्टा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देबांशु पांड्या को विधानसभा में भेजने के लिए भारी बहुमत दिया। मैं फाल्टा के मतदाताओं का विशेष रूप से आभारी हूं, मैंने उनसे भाजपा के उम्मीदवार को एक लाख वोटों के अंतर से जीत दिलाने की अपील की थी और जीत का अंतर एक लाख आठ हजार से अधिक हो गया है।”
हम एक स्वर्णिम फाल्टा के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध – शुभेंदु अधिकारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आगे लिखा, “हम विकास के माध्यम से इस ऋण को चुकाएंगे। हम एक स्वर्णिम फाल्टा के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। सिद्धांतों और विचारधारा से रहित, माफिया गिरोह में परिवर्तित हो चुकी इस पार्टी का सत्ता खोने के बाद कंकालनुमा रूप सामने आ गया है। राज्य तंत्र का दुरुपयोग करते हुए, इस पार्टी ने सार्वजनिक धन लूटा, लोगों की मेहनत की कमाई को जबरन वसूला और गिरोहों और धमकियों की संस्कृति के माध्यम से उस पर कब्जा कर लिया। इसके नेताओं ने राज्य को अपनी जागीर बना लिया था। एक धोखेबाज जो अचानक सत्ता में आया और कमांडर का खिताब हासिल कर लिया।”
सीएम ने कहा, “ऐसा कोई अपराध नहीं है जिसे इस ठग ने अंजाम न दिया हो। अपना खुद का आपराधिक गिरोह बनाने के लिए, ‘शेर की खाल में लिपटी बिल्ली’ ने लोकतंत्र का गला घोंटने से भी परहेज नहीं किया। नतीजतन, पिछले चुनाव को तमाशा बनाते हुए, तृणमूल ने इस विधानसभा क्षेत्र में डेढ़ लाख वोटों की बढ़त हासिल कर ली थी। पंद्रह साल बाद, जब लोगों को अपने दम पर वोट डालने की आजादी वापस मिली, तो सच्चाई सामने आई।”
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “यह तो बस शुरुआत है; अब हमें अस्वीकृति के लंबे सफर को तय करना है। आने वाले दिनों में, तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व को चुनावों में ‘NOTA’ के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। त्रिपुरा राज्य विधानसभा चुनावों में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को NOTA से भी हार का सामना करना पड़ा है। पश्चिम बंगाल के लोग आने वाले दिनों में इस भयंकर मुकाबले को देखने के लिए उत्सुक हैं।”
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पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार ने कथित अवैध प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और सभी जिला प्रशासनों को निर्देश दिया है कि वे हिरासत में लिए गए लोगों को सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ को सौंपने से पहले उनके लिए डिटेंशन सेंटर बनाएं। यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…
