कर्नाटक: शिवमोगा में राकेश टिकैत ने दिया भड़काऊ भाषण? पुलिस ने दर्ज किया केस

कर्नाटक में टिकैत के लिए महापंचायत का आयोजन करने वाले लोगों ने कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि पुलिस राज्य सरकार के दबाव में झुक गई।

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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (source: PTI)

कर्नाटक के शिवमोगा में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन पर एक सभा के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप लगाए गए है। कोटे पुलिस ने इस पर खुद ही संज्ञान लेते हुए मंगलवार को केस दर्ज किया।

बता दें कि दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर के साथ अलग-अलग राज्यों में कृषि कानून के खिलाफ रैली कर रहे राकेश टिकैत 20 मार्च को शिवमोगा पहुंचे थे। यहां उनकी दक्षिण भारत की पहली महापंचायत का आयोजन किया गया था। अपने भाषण में टिकैत ने कर्नाटक के किसानों को तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन तेज करने के लिए कहा था। साथ ही ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के जरिए बेंगलुरु के सभी रास्ते बंद करने के लिए आवाज उठाई थी।

पुलिस ने इस घटना के तीन दिन बाद टिकैत पर आईपीसी की धारा 153 के तहत केस दर्ज किया। पुलिस का आरोप है कि टिकैत के भाषण से हिंसा भड़क सकती थी। बताया गया है कि महापंचायत में उनके साथ किसान नेता डॉक्टर दर्शन पाल और युद्धवीर सिंह भी मौजूद थे। हालांकि, पुलिस ने भड़काऊ भाषण देने के आरोप में सिर्फ टिकैत पर केस दर्ज किया है।

कर्नाटक में इस महापंचायत का आयोजन करने वाले लोगों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। केएल अशोक नाम के एक आयोजनकर्ता ने ‘द हिंदू’ अखबार को बताया कि पुलिस ने केस इसलिए दर्ज किया, क्योंकि उस पर राज्य सरकार का दबाव था। उन्होंने आगे कहा, “पहले भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, जिनमें प्रदेशाध्यक्ष नलिन कुमार कतील, लोकसभा सांसद शोभा करंदलाजे और आरडीपीआर के मंत्री केएस ईश्वरप्पा शामिल हैं, ने हिंसा भड़काने लायक बयान दिए हैं। लेकिन तब पुलिस मूक दर्शक बनी रही। हम इस मामले में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।”

एक और आयोजनकर्ता और पेशे से वकील केपी श्रीपल ने कहा कि टिकैत के पूरे भाषण में कुछ भी भड़काऊ नहीं था। उन्होंने सिर्फ किसान विरोधी कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन और तेज करने की बात कही थी। लेकिन पुलिस राज्य की सत्ता में बैठे लोगों के दबाव में झुक गई।