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आर्क बिशप के बाद कार्डिनल बोले- कहीं और खराब न हो जाएं हालात, अल्पसंख्यकों में है चिंता

दिल्ली के आर्क बिशप अनिल के पत्र पर मचे घमासान के बाद कैथोलिक बिशप्स के कांफ्रेंस ऑफ इंडिया(सीबीसीआई) के अध्यक्ष कार्डिनल ओसवाल ग्रेसियस ने भी बयान दिया है। उन्होंने बुधवार(23 मई) को कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों के लिए ठोस सुरक्षात्मक उपाय नहीं कर रही है, जिससे उनके मन में आशंकाएं बढ़तीं जा रहीं हैं।

Author नई दिल्ली | May 24, 2018 8:14 AM
आर्क बिशप के बाद कार्डिनल बोले- कहीं और खराब न हो जाएं हालात, अल्पसंख्यकों में है चिंता

दिल्ली के आर्क बिशप अनिल के पत्र पर मचे घमासान के बाद कैथोलिक बिशप्स के कांफ्रेंस ऑफ इंडिया(सीबीसीआई) के अध्यक्ष कार्डिनल ओसवाल ग्रेसियस ने भी बयान दिया है। उन्होंने बुधवार(23 मई) को कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों के लिए ठोस सुरक्षात्मक उपाय नहीं कर रही है, जिससे उनके मन में आशंकाएं बढ़तीं जा रहीं हैं। हाल में मुंबई के आर्कबिशप के बाद सीबीसीआई के अध्यक्ष बने ग्रेसियस ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि पिछले चार साल के बीच समाज में ध्रुवीकरण की बहुत ज्यादा कोशिशें हुईं हैं। भारतीय कैथोलिक चर्चों से जुड़े निर्णय लेने वाली सबसे शीर्ष संस्था सीबीसीआई के अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली के आर्क बिशप के पत्र लिखने का समय गलत था, हालांकि इसे भारत की चर्चों के आधिकारिक आवाज के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह कहना अतिशयोक्ति होगा कि देश भर में चर्चों पर हमले की घटनाएं हो रहीं हैं, इस नाते मैं वर्तमान हालात के लिए डर से कहीं ज्यादा मुफीद चिंता शब्द समझता हूं। मेरा एतराज सिर्फ इतना है कि सरकार अल्पसंख्यकों को ऐसा कोई संदेश नहीं दे रही है कि जिससे लगे कि उन पर हमले आदि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम एकता, सद्भाव और संवाद के लिए काम कर रहे हैं, मगर समुदाय विशेष को जिस तरह से धमकियां मिल रहीं हैं, वो गलत है।

कार्डिनल ग्रेसियस ने कहा कि उनके कई बीजेपी नेताओं से अच्छे रिश्ते हैं। वह अटल बिहारी बाजपेयी सरकार के नजदीकी भी रहे हैं। आडवाणी के साथ चाय पीने के लिए भी जाते रहे हैं। अरुण जेटली और राजनाथ सिंह को भी निजी तौर पर जानते हैं। ग्रेसियस ने कहा कि उन्होंने अपने मित्र बीजेपी नेताओं से भी अपनी चिंताएं जाहिर की हैं, हालांकि वह उनकी राजनीतिक मजबूरियों को समझते हैं।

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