इजरायल जा रही फ्लाइट के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के 174 यात्रियों की जान बचाने के लिए साहस दिखाया। गुजरात सरकार की ओर से कहा गया कि कैप्टन स्मित की बहादुरी ने गुजरात और देश का नाम दुनिया में रोशन किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को राज्य के ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि कैप्टन स्मित की बहादुरी की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि स्मित ने अपने साहस से गुजरात और भारत का नाम रोशन किया है। पटेल ने कहा, ”आज पूरी दुनिया कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम कर रही है। गुजरात के इस वीर बेटे ने अपनी बहादुरी से गुजरात और देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार स्मित के ‘असाधारण साहस और मानवता’ के सम्मान में दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा गुजरात उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना कर रहा है।
क्या हुआ था फ्लाइट में?
आपको बता दें कि कैप्टन स्मित मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के पायलट थे। फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर कथित हमले के दौरान स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मच्छार ने फ्लाईदुबई की एक उड़ान को दुर्घटनाग्रस्त करने की अपने सह-पायलट की कोशिश को नाकाम कर दिया। इस विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। दुबई से तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ की फ्लाइट एफजेड 1073 ने बुधवार को आपात संकेत भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में उसका रूट सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। सह-पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल मच्छार का सऊदी अरब के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना के बाद विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने दखल दिया। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित उतारा गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने स्थिति संभालने में साहस और सूझबूझ दिखाई।
उनके इस कदम की भारत और विदेशों में कई राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने तारीफ की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने कैप्टन स्मित की बहादुरी और सूझबूझ की सराहना की है।
PM मोदी ने मच्छार की बहादुरी को किया सलाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान हुई घटना में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्मित की हिम्मत से देश का नाम रोशन हुआ है और एक बड़ी घटना होने से टल गई। नई दिल्ली के भारत मंडपम में गुरुवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के 100 साल पूरे होने के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने धैर्य और हिम्मत दिखाई।
सोमनाथ मंदिर में स्मित के लिए विशेष पूजा
कैप्टन स्मित के जल्द स्वस्थ होने के लिए गुजरात के सोमनाथ मंदिर में विशेष महापूजा और ‘आयुष्य मंत्रजाप अनुष्ठान’ भी किया जा रहा है। उनके परिवार और गुजरात के लोगों के साथ देशभर से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर हुई घटना और कथित हमले के पीछे की वजह की जांच अभी जारी है। घटना की परिस्थितियों और हमले के मकसद को लेकर अंतिम जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
कैप्टन स्मित मच्छार की पुरानी कहानी वायरल
करीब एक साल पहले कैप्टन स्मित मच्छार ने एक बातचीत में केबिन क्रू की भूमिका पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि लोग अक्सर विमान के केबिन दल के साथ ठीक व्यवहार नहीं करते, लेकिन जब हालात बिगड़ते हैं, तब आपको उन्हीं लोगों की जरूरत पड़ती है। उनका कहना था कि प्रशिक्षित चालक दल मुश्किल समय में यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। अब वही पुराना वीडियो फिर सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…
