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बिजनेसमैन के देश छोड़ने के दो साल बाद बैंकों ने लगाए 350 करोड़ के घोटाले का आरोप, छह बैंकों की पहल पर सीबीआई ने दर्ज की FIR

सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, इस मामले में केनरा बैंक में 175 करोड़ रुपए, आंध्रा बैंक में 53 करोड़, यूबीआई बैंक में 44 करोड़, ओबीसी बैंक में 25 करोड़, आईडीबीआई में 14 करोड़ और यूको बैंक में 41 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है।

CBI , BANK FRAUD, CANARA BANKघोटाले की जांच सीबीआई द्वारा शुरू कर दी गई है। (एक्सप्रेस फोटो)

केनरा बैंक समेत देश के 6 बैंकों में 350 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। इस संबंध में बैंकों ने सीबीआई में केस दर्ज कराया है। घोटाले का आरोपी मंजीत सिंह मखनी है, जो कि पंजाब बासमती राइस लिमिटेड का निदेशक है। आरोपियों में मंजीत सिंह मखनी के बेटे कुलविंदर सिंह मखनी और बहू जसमीत कौर का नाम भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार, मंजीत सिंह मखनी दो साल पहले यानि कि साल 2018 में ही देश छोड़कर जा चुका है।

बैंकों की शिकायत पर सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, इस मामले में केनरा बैंक में 175 करोड़ रुपए, आंध्रा बैंक में 53 करोड़, यूबीआई बैंक में 44 करोड़, ओबीसी बैंक में 25 करोड़, आईडीबीआई में 14 करोड़ और यूको बैंक में 41 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। अपनी शिकायत में केनरा बैंक ने कहा है कि पंजाब बासमती राइस फर्म साल 2003 से ही उससे क्रेडिट फैसिलिटी ले रही थी।

एनडीटीवी की रिपोर्ट में बताया गया है कि एफआईआर के अनुसार, जब कंपनी ऋण और किस्त चुकाने में असमर्थ हो गई तो बैंकों ने ऋण को एनपीए के रूप में चिन्हित कर दिया। केनरा बैंक द्वारा 25 अप्रैल 2018, आंध्रा बैंक द्वारा 31 मार्च 2018, ओबीसी द्वारा 27 जून 2018, आईडीबीआई द्वारा 31 मार्च 2018, यूबीआई द्वारा 30 अप्रैल 2018 और यूको बैंक में 31 मार्च 2018 को ऋण को एनपीए में डाल दिया गया।

बीते साल मार्च में बैंकों ने इस मामले के खुलासे के बाद आरबीआई को इसकी जानकारी दी। इसके बाद बैंकों ने सीबीआई से इसकी शिकायत की। इस साल जून में सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि मंजीत सिंह मखनी ने स्टॉक और प्राइमरी सिक्योरिटी को डिस्पोज करके भी धांधली की है।

जांच में यह भी पता चला है कि बैंक लोन के बदले में कंपनी ने 291 करोड़ रुपए का चावल का स्टॉक बतौर सिक्योरिटी रखा था, वह भी गायब है और उसके इनवॉइस भी बैंकों में जमा नहीं किए गए हैं। कंपनी का कहना है कि वह स्टॉक बिक चुका है। हालांकि बैंक यह मानने को तैयार नहीं हैं।

सूत्रों के अनुसार, केनरा बैंक ने अपनी शिकायत में कहा है कि मंजीत सिंह कनाडा भाग गया है। हालांकि कुलविंदर सिंह मखनी के वकील ज्योति सरीन का कहना है कि यह सिविल विवाद है और कंपनी पहले ही दिवालिया प्रक्रिया के लिए एनसीएलटी जा चुकी है। ऐसे में अब सीबीआई द्वारा आपराधिक जांच शुरू करने पर वह कोई कमेंट नहीं कर सकते।

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