कनाडा सरकार ने हाल ही में कहा कि भारत कनाडा की धरती पर हिंसक आपराधिक गतिविधियों में शामिल नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी। यह आकलन प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा से पहले आयोजित ब्रीफिंग के दौरान साझा किया गया। मार्क कार्नी 27 फरवरी से भारत यात्रा पर हैं। कनाडाई अधिकारियों ने द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता और ओटावा और नई दिल्ली के बीच सहयोग में हुई प्रगति के बारे में भी जानकारी दी।
टोरंटो स्टार की खबर के अनुसार, नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच नियमित संपर्क सहित राजनयिक प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि चिंताजनक गतिविधियां बंद हो गई हैं। एक अन्य अधिकारी के हवाले से कहा गया, “अगर हमें पता होता कि इस तरह की गतिविधियां जारी हैं तो मुझे नहीं लगता कि हम यह यात्रा करते।”
मार्क कार्नी का भारत दौरा
कनाडाई प्रधानमंत्री नौ दिनों की विदेश यात्रा पर हैं जिसमें वह भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान का दौरा करेगे। भारत में वे व्यापारिक बैठकों और पीएम मोदी के साथ वार्ता के लिए मुंबई और नई दिल्ली की यात्रा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 27 फरवरी से दो मार्च तक भारत की यात्रा करेंगे। मार्क कार्नी के साथ आए अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने कहा कि कनाडा सामुदायिक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ा सकता है।
25 फरवरी को टोरंटो स्टार से बात करते हुए,मनिंदर सिद्धू ने द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक बदलाव का संकेत देते हुए कहा, “मुझे विश्वास है कि हम एक साथ दो काम कर सकते हैं। हम अपने समुदाय को सुरक्षित रख सकते हैं। हम कानून प्रवर्तन संबंधी बातचीत कर सकते हैं और हम दुनिया भर के साझेदारों के साथ आर्थिक रूप से जुड़ना जारी रख सकते हैं।” साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ओटावा और नई दिल्ली ने एक-दूसरे के देशों में कानून प्रवर्तन संपर्क अधिकारियों ( Law-enforcement liaison officers) को नियुक्त करने पर सहमति व्यक्त की है।
अलगाववादी निज्जर की हत्या का भारत-कनाडा संबंधों पर असर
जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के पार्किंग स्थल पर अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत-कनाडा के संबंध बुरी तरह बिगड़ गए थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 18 सितंबर, 2023 को हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा था कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां भारतीय सरकार के एजेंटों और एक कनाडाई नागरिक की हत्या के बीच संभावित संबंध के विश्वसनीय आरोपों की सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं। उन्होंने इस तरह के कृत्य में किसी भी विदेशी संलिप्तता को हमारी संप्रभुता का अस्वीकार्य उल्लंघन बताया था।
इस आरोप के बाद दोनों देशों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए राजनयिकों को निष्कासित किया। कनाडा ने एक वरिष्ठ भारतीय खुफिया अधिकारी को निष्कासित कर दिया। भारत ने इसके जवाब में अपने एक समकक्ष को निष्कासित कर दिया था और कनाडाई राजनयिक कर्मचारियों की संख्या में कमी की मांग की थी।
मार्क कार्नी के पद संभालने के बाद भारत-कनाडा संबंधों में बदलाव
14 मार्च, 2025 को मार्क कार्नी के पद संभालने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध स्थिर होने लगे। तीन महीने के भीतर ही उन्होंने कनाडा में G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी की। इस दौरान दोनों नेताओं ने उच्चायुक्तों की नियुक्ति बहाल करने और व्यापार, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, टेक्नोलॉजी, एआई और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई एक बैठक में दोनों पक्षों ने संबंधों में सकारात्मक बदलाव की पुष्टि की।
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