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कनाडा ने CRPF जवानों को बताया ‘टॉर्चर और मर्डर’ करने वाला, भारत के रिटायर अफसर को नहीं दी एंट्री

कनाडा ने सीआरपीएफ (CRPF) के एक जवान को अपने यहां घुसने की इजाजत ना देते हुए कहा कि जिस फोर्स में वह काम करते थे उसने बड़े पैमाने पर मानव अधिकारों का हनन किया है।

ढिल्लन सीआरपीएफ में थे और 2010 में रिटायर हुए थे।

कनाडा ने सीआरपीएफ (CRPF) के एक जवान को अपने यहां घुसने की इजाजत ना देते हुए कहा कि जिस फोर्स में वह काम करते थे उसने बड़े पैमाने पर मानव अधिकारों का हनन किया है। तेजिंदर सिंह ढिल्लन कनाडा के वेनकूवर एयरपोर्ट पहुंचे थे। वहां उनको कनाडा के इमीग्रेशन एंड रिफ्यूजी प्रोटेक्शन एक्ट के तहत इमीग्रेशन अथॉरिटी ने रोक लिया था। ढिल्लन सीआरपीएफ में थे और 2010 में रिटायर हुए थे। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, पहले अधिकारियों ने कहा कि उनको नहीं आने दिया जाएगा क्योंकि जिस सरकार (भारत) के लिए वह काम करते हैं वह मानव अधिकार के हनन, नरसंहार और आतंकी गतिविधियों में लिप्त रही है।

इसके बाद इमीग्रेशन अधिकारियों ने एक और बयान जारी किया था। उसमें भारत सरकार के खिलाफ बयानबाजी की गई थी। उसमें सीआरपीएफ पर बड़े पैमाने पर मानव अधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया। इसके साथ ही यातना, मनमाने तौर पर हिरासत में लेना, हत्या और यौन उत्पीड़न के उदाहरण दिए गए।

ढिल्लन के साथ ऐसा पिछले 30 सालों में पहली बार हुआ। कनाडा में घुसने की इजाजत ना मिलने के बाद वह लुधियाना वापस आ गए। ढिल्लन के मुताबिक, वह सीआरपीएफ के जवान रहते हुए भी कनाडा गए थे।

इस मामले पर विदेश मंत्रालय ने भी बयान दिया। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि ऐसी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कनाडा से इस बारे में बात भी की है।

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