ताज़ा खबर
 

सरकारी आंकड़े दबाने और देर से जारी करने से हुआ देश का अपमान- बोले पूर्व CSI

सेन के मुताबिक सरकारी डाटा को दबाना और फिर उनका लीक होने से भारतीय डाटा की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में आ रही है। इससे देश की सांख्यिकी व्यवस्था बदनाम हो रही है।

पूर्व चीफ स्टेटिस्टीशियन प्रोनब सेन। (फाइल)

भारत के पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद् (Chief Statistician of India) प्रोनब सेन ने अपने एक बयान में कहा है कि देश में आधिकारिक आर्थिक डाटा का एक रिलीज कैलेंडर होना चाहिए जिसको समय पर जारी भी किया जाना चाहिए, ताकि भारत के आंकड़ों की भी विश्वसनीयता बरकरार रहे। प्रोनब सेन फिलहाल हाल ही में गठित की गई स्टैंडिंग कमेटी ऑन इकोनॉमिक स्टेटिस्टिक्स के प्रमुख हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए पूर्व चीफ स्टेटिस्टियन ने कहा कि चीन की तरह अहम सरकारी डाटा को रोकने से भारत के आधिकारिक आंकड़ों की वैश्विक मंच पर इमेज खराब हो रही है। सेन के मुताबिक सरकारी डाटा को दबाना और फिर उनका लीक होने से भारतीय डाटा की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में आ रही है। इससे देश की सांख्यिकी व्यवस्था बदनाम हो रही है।

बता दें कि केन्द्र की एनडीए सरकार पर आरोप लगे हैं कि उसने विभिन्न मंत्रालयों के डाटा को दबाया, जिसमें साल 2017-18 के पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे की रिपोर्ट जारी करने में देरी करने और सालाना उपभोक्ता खपत सर्वे को रोककर रखने के आरोप भी शामिल हैं। इसके अलावा मुद्रा सर्वे को लेकर भी सरकार पर आरोप लगे हैं।

उल्लेखनीय है कि अभी सरकार के पास विभिन्न डाटा जैसे नेशनल अकाउंट, इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन एंड इनफ्लेशन आदि के डाटा को रिलीज करने का कैलेंडर है, लेकिन इस डाटा को जारी करने का कोई समय तय नहीं किया गया है। आर्थिक और अन्य डाटा को समय पर जारी करना, सरकार को पॉलिसी बनाने और इंडस्ट्रीज में निवेश संबंधी फैसले लेने के लिए काफी अहम हैं।

पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रोनब सेन ने NSC बिल के ड्राफ्ट पर भी अपनी चिंता जाहिर की। बता दें कि एनएससी बिल अभी पब्लिक डोमेन में है, जहां बिल से संबंधी कमेंट किए जा सकते हैं। प्रोनब सेन का कहना है कि इस बिल का जो मौजूदा स्वरूप है, वह नेशनल स्टेटिस्टिकल कमीशन (NSC) को सार्वजनिक उपक्रम में बदल देगा, जिसके पास कोई शक्ति नहीं होगी।

सेन ने कहा कि विभिन्न सरकारी डाटा को रिलीज करने की जिम्मेदारी NSC की है। सेन ने बताया कि सरकार फिलहाल देश के गैर संगठित सेक्टर की मैपिंग करने की दिशा में काम कर रही है। प्रोनब सेन गैरसंगठित सेक्टर के वार्षिक सर्वे को लेकर बनायी गई सब-कमेटी की अध्यक्षता कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गैर-संगठित क्षेत्र का डाटा सरकार द्वारा नीतियां बनाने में काफी अहम साबित होगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 VIDEO: आपकी हिम्मत नहीं अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी पर बात करने की, बंद करवा देंगे चैनल- लाइव शो में एंकर से बोले केजरीवाल
2 ये वो बेचैन आत्माएं हैं जो 2014 के बाद से आराम से नहीं बैठीं, CAA विरोधियों पर यूं बरसे मोदी के मंत्री,
3 बंगाल में नेताजी की विरासत को लेकर खींचतान, ममता ने कहा- बोस ने हिंदू महासभा की ‘विभाजनकारी नीति’ का किया था विरोध
ये पढ़ा क्या?
X