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चेन्नई में ही मौजूद हैं जस्टिस कर्णन, देश छोड़कर जाने की खबरों का सलाहकार ने किया खंडन

रमेश कुमार के मुताबिक कर्णन भारत वापस तभी आ सकते हैं जब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मिलने के लिए उन्हें वक्त दें।
कोलकाता उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति सीएस कर्णन। (PTI Photo)

देश छोड़कर जाने की खबरों के बीच पता चला है कि जस्टिस कर्णन चेन्नई में ही मौजूद हैं। जस्टिस कर्णन के सलाहकार मैथ्यु जे नेदुमपारा ने कहा कि उन्हें संविधान के तहत मिले सभी कानूनी प्रावधानों को इस्तेमाल करने का अधिकार है, और वे ऐसा ही कर रहे हैं। इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में जस्टिस कर्णन के कानूनी सलाहकार ने कहा था कि हो सकता है उन्होंने देश छोड़ दिया हो। पुलिस को अंदेशा है कि जस्टिस कर्णन देश छोड़ चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक आज (11 मई) सुबह कर्णन भारतीय सीमा को क्रॉस कर किसी दूसरे देश में प्रवेश कर चुके हैं। जस्टिस कर्णन के विश्वसनीय और उनके कानूनी सलाहकार डब्ल्यू पीटर रमेश कुमार ने दावा किया कि कर्णन गिरफ़्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं और हो सकता है कि वे देश छोड़ चुके हैं। रमेश कुमार के मुताबिक कर्णन भारत वापस तभी आ सकते हैं जब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मिलने के लिए उन्हें वक्त दें। सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के आरोप में मंगलवार (9 मई) को जस्टिस कर्णन को 6 महीने की सजा सुनाई है।

जस्टिस कर्णन के कानूनी सलाहकार डब्ल्यू पीटर रमेश कुमार ने कहा कि हो सकता है कि हो सकता है कि वे भारत की सीमा पार कर के नेपाल या बांग्लादेश चले गये हों। लेकिन रमेश कुमार ने जस्टिस कर्णन ने किस रूट से देश पार किया है या फिर उनके साथ कोई और शख्स मौजूद है इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। हालांकि मीडिया और चेन्नई पुलिस को बताया गया था कि बुधवार (10 मई) की सुबह को वे चेन्नई से 130 किलोमीटर दूर कलाहस्ती नाम के शहर में पूजा के लिए गये थे। रमेश कुमार के मुताबिक वे अपने साथ सिर्फ एक मोबाइल फोन लेकर गये थे। रमेश कुमार का कहना है कि कर्णन तभी वापस आएंगे जब भारत के राष्ट्रपति, जिन्होंने उन्हें नियुक्त किया है, कर्णन को मिलने के लिए वक्त दें। कर्णन के मुताबिक जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता है वो सरेंडर नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सिर्फ ऑपरेटिव पार्ट ही उपलब्ध है। जब तक उन्हें फैसले की पूरी कॉपी नहीं मिल जाती है वो सजा का विश्लेषण नहीं कर पाएंगे।

10 मई की शाम को कोलकाता पुलिस की 5 सदस्यीय टीम जस्टिस कर्णन की खोज में कलाहस्ती पहुंची थी। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में मौजूद कलाहस्ती शहर मंदिरों के लिए विख्यात है। कलाहस्ती में जस्टिस कर्णन की खोज में आंध्र पुलिस ने भी कोलकाता पुलिस की सहायता की लेकिन उनका कोई अता पता नहीं चला।

 

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  1. R
    Ramesh
    May 11, 2017 at 5:00 pm
    Media is creating sensation by spreading rumour that Karnam has fled to Nepal or Bangladesh. An Indian can go to Nepal without travel do ents but visa is required for Bangladesh. In case of Nepal, though visa is not required, every Indian entering in that country is required to be registered at the entry point. So there is no need to speculate on this and police can find out in a day whether he has left India. It is quite possible that he is hiding somewhere to seek some remedy for his legal problems or he may also have jumped in a dam since he has depressed state of mind and mental instability.He should be looked upon as a mental patient and not as a criminal.
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