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रेलवे के फ्लेक्‍सी फेयर सिस्‍टम पर सीएजी की रिपोर्ट, कमाई तो बढ़ी पर यात्री घट गए

IRCTC Tatkal Ticket Booking Online (ई टिकट तत्काल टिकट बुकिंग ऑनलाइन): कैग ने कहा है,'यात्रियों ने यात्रा में अधिक समय लगने के बावजूद राजधानी, शताब्दी और दूरंतो ट्रेनों के बजाय मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को तरजीह दी है।"

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः रेल मंत्रालय)

IRCTC Tatkal Ticket Booking Online (ई टिकट तत्काल टिकट बुकिंग ऑनलाइन): रेलवे के फ्लैक्सी फेयर सिस्टम को कैग ने कड़ी फटकार लगाई है। कैग ने चेताया है कि इस योजना के कारण यात्री मजबूरी में हवाई यात्रा की ओर रुख कर रहे हैं। कैग ने साफ उल्लेख किया है कि रेलवे अन्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के कारण अपनी प्रीमियम ट्रेनों की सरपरस्ती पहले ही खो चुका है।

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक यानी कैग ने मार्च 2017 तक के लिए दी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रीमियम ट्रेनों जैसे राजधानी, शताब्दी और दूरंतो में लागू किए गए फ्लैक्सी फेयर सिस्टम से यात्रियों से होने वाली कमाई में इजाफा हुआ है। इस श्रेणी की ट्रेनों से यात्री किराए की मद में 552 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। ये हालात तब हैं जब ट्रेनों में 9 सितंबर 2016 से 31 जुलाई 2017 के बीच साल 2015-16 की तुलना में करीब 6.75 लाख कम यात्रियों ने सफर किया है।

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रिपोर्ट में कहा गया है,”जब भी बढ़ी हुई कीमतें लागू की गईं यात्रियों की संख्या घटी है। हालांकि राजधानी, दूरंतो और शताब्दी ट्रेनों में फ्लैक्सी फेयर सिस्टम को लागू करते हुए ये बात नहीं सोची गई थी कि मांग और यात्री संख्या घटने जैसी समस्या भी आएगी। यहां तक कि एसी थर्ड क्लास, जो कि रेलवे की सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली श्रेणी है, यहां भी फ्लैक्सी फेयर सिस्टम के बाद यात्रियों की संख्या घटने की समस्या आएगी। अब इस श्रेणी में खाली रहने वाली बर्थ की संख्या 0.66 फीसदी से बढ़कर 4.46 फीसदी तक पहुंच चुकी है।”

कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर शुद्ध आंकड़ों में बात की जाए तो फ्लैक्सी फेयर लागू होने के बाद (9 सितंबर 2016 से 31 जुलाई 2017 तक) प्रीमियम ट्रेनों में करीब 2.40 करोड़ यात्रियों ने सफर किया है। जबकि ये सिस्टम लागू होने से पहले (9 सितंबर 2015 से 31 जुलाई 2016 तक) रेलवे में करीब 2.47 करोड़ यात्रियों ने सफर किया था।

कैग ने कहा है,”प्रीमियम ट्रेनों के रूट में चलने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों की तादाद प्रीमियम ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों से अधिक है। ये आंकड़ा अक्टूबर 2016 और फरवरी 2017 का है। यात्रियों ने यात्रा में अधिक समय लगने के बावजूद राजधानी, शताब्दी और दूरंतो ट्रेनों के बजाय मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को तरजीह दी है।” रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि देश के 13 सेक्टरों में लागू हवाई किराया बहुत सारे मार्गों पर चलने वाली ट्रेन के किराए से कम है।

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