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रफाल सौदे की रिपोर्ट तैयार नहीं, अभी कोई जानकारी देना संसद के विशेषाधिकार का उल्‍लंघन: सीएजी

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने विवादित राफेल विमान करार के अपने अंकेक्षण का ब्योरा देने से इनकार कर दिया है।

Author नई दिल्ली | January 16, 2019 10:39 AM
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने विवादित राफेल विमान करार के अपने अंकेक्षण का ब्योरा देने से इनकार कर दिया है।

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने विवादित राफेल विमान करार के अपने अंकेक्षण का ब्योरा देने से इनकार कर दिया है। सीएजी ने कहा कि राफेल करार के अंकेक्षण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और अभी कोई खुलासा करने से संसद के विशेषाधिकार का हनन होगा। पुणे में रहने वाले कार्यकर्ता विहार दुर्वे की ओर से सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत दायर एक अर्जी पर अपने जवाब में सीएजी ने यह जानकारी दी। देश के अंकेक्षक ने कहा, ‘‘अंकेक्षण में प्रगति हो रही है और रिपोर्ट को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। यह सूचना आरटीआई कानून की धारा 8(1)(सी) के तहत नहीं दी जा सकती, क्योंकि ऐसा करना संसद के विशेषाधिकार का हनन होगा।’’

पिछले महीने उच्चतम न्यायालय ने उन अर्जियों को खारिज कर दिया था जिनमें 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए भारत और फ्रांस के बीच हुए करार को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत ने कहा था कि इस मामले में फैसला लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने की कोई वजह नहीं है। अर्जियों में मांग की गई थी कि 58,000 करोड़ रुपए के करार में हुई कथित अनियमितता की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज की जाए और मामले की छानबीन अदालत की निगरानी में कराई जाए।

राफेल को लेकर राहुल के बाद दूसरी विपक्षा पार्टियां भी मोदी सरकार पर सवाल खड़े करने लगी हैं। हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने उच्चतम न्यायालय से राफेल सौदे पर अपने फैसले की समीक्षा करने की मांग करते हुए सोमवार को उसका दरवाजा खटखटाया। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की पीठ ने इस सौदे को चुनौती देने वाली चार याचिकाएं 14 दिसंबर को खारिज कर दी थीं और कहा था कि राफेल सौदे से जुड़ी निर्णय प्रक्रिया पर संदेह करने लायक कुछ नहीं है और ऐसे में उसे (सौदे को) खारिज करने की जरुरत भी नहीं है।

सह, वकील एम एल शर्मा, विनीत ढांडा, पूर्व भाजपा नेता अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा और कार्यकर्ता वकील प्रशांत भूषण ने इस सौदे के खिलाफ ये याचिकाएं दायर की थीं।  आप के राज्यसभा सदस्य सिंह ने वकीलों– धीरज कुमार सिंह और मृणाल कुमार के माध्यम से समीक्षा याचिका दायर की है।

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