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CAB: सरदार पटेल मोदी से मिले तो बड़े दुखी होंगे- कांग्रेस के आनंद शर्मा का पीएम पर निशाना

शर्मा ने कहा, "पहले बिल को संसदीय कमेटी के पास भेजा जाता और तब लाया जाता। 72 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, ये विरोध के लायक ही है। ये बिल संवैधानिक, नैतिक आधार पर गलत है, ये बिल संविधान की प्रस्तावना के खिलाफ है। ये बिल लोगों को बांटने वाला है।"

आनंद शर्मा ने कहा कि अगर सरदार पटेल कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे तो बहुत दु:खी होंगे। (file photo)

नागरिकता संशोधन बिल (CAB) पर राज्यसभा में आज (बुधवार, 11 दिसंबर) बहस जारी है। इस बीच चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अगर सरदार पटेल कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे तो बहुत दु:खी होंगे।  उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसी क्या जल्दबाजी है कि आप इस बिल के लेकर आए हैं? उन्होंने कहा, ‘आपने कहा यह बिल ऐतिहासिक है। इस बिल को इतिहास कैसे देखेगा यह तो वक्त बताएगा पर इस बिल को लेकर जल्दबाजी क्यों हो रही है?”

शर्मा ने कहा,  “पहले बिल को संसदीय कमेटी के पास भेजा जाता और तब लाया जाता। 72 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, ये विरोध के लायक ही है। ये बिल संवैधानिक, नैतिक आधार पर गलत है, ये बिल संविधान की प्रस्तावना के खिलाफ है। ये बिल लोगों को बांटने वाला है।” आनंद शर्मा ने कहा कि आपने (अमित शाह) इतिहास लिखने के लिए किसी को प्रोजेक्ट दिया है तो कृपया ऐसा न करें। इतिहास से छेड़छाड़ अन्याय होगा। उन्होंने जिन्ना के टू नेशन थ्योरी की बात करते हुए सावरकर का नाम लिया और कहा कि यह कांग्रेस की देन नहीं है।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने उम्मीद जताई कि नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ पूर्वोत्तर में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए वे विपक्षी दल उच्च सदन में इस विधेयक के खिलाफ वोट करेंगे जिन्होंने लोकसभा में इसके पक्ष में वोट किया था। आजाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं आशा करता हूं कि विपक्षी दल इस विधेयक के विरोध के कारणों को देखेंगे कि यह क्यों नहीं पारित होना चाहिए। यह विधेयक पूरी तरह असंवैधानिक है। इस विधेयक का पूरे पूर्वोत्तर में विरोध हो रहा है। देश के कई दूसरे हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहले कभी नहीं देखा कि पूर्वोत्तर के लोग किसी विधेयक के खिलाफ इस तरह से एकजुट हों।’’ आजाद ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि ये विरोध देखकर जिन राजनीतिक दलों ने लोकसभा में इस विधेयक के पक्ष में वोट किया था, वो राज्यसभा में विरोध में वोट करेंगे।’’   नागरिकता संशोधन विधेयक पर बुधवार को राज्यसभा में चर्चा हो रही है। लोकसभा ने सोमवार को इस विधेयक को मंजूरी प्रदान की।

उधर, कांग्रेस ने नागरिकता विधेयक को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि संसद से इस विधेयक के पारित होने की स्थिति में इसे लेकर उच्चतम न्यायालय जाने सहित सभी संभावनाओं पर विचार होगा।  पार्टी की 14 दिसंबर को होने वाली ‘भारत बचाओ रैली’ की तैयारियों का जायजा लेने यहां रामलीला मैदान पहुंचे कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह विधेयक संविधान पर हमला है, हमारे मौलिक अधिकारों पर हमला है।’’
(भाषा इनपुट्स के साथ)

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