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CAB विरोध: जामिया में पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, मची भगदड़, वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर छात्रों ने वीडियो साझा किया है, जिसमें पुलिस प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करती दिखती है।

CAB protests, TMC, Citizenship Amendment Act, Supreme Court, BJP, ramnath kovind, CAB, muslim, sikh, parliament, tear gas, video viral, jamia milia universityइधर-उधर भागते छात्र। फोटो: ScreenGrab

नागरिकता संशोधन बिल के विरोध की आग पूर्वोत्तर राज्यों से अब दिल्ली तक पहुंच गई है। शुक्रवार को जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने छात्रों पर लाठियां चलाई और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि आंसू गैस के गोले छोड़ते ही प्रदर्शन कर रहे छात्र इधर-उधर भागने लगते हैं। इस दौरान कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर छात्रों ने वीडियो साझा किया है, जिसमें पुलिस प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करती दिखती है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि आंसू गैस के गोले छोड़ने के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस में चारों तरफ धुंआ ही धुंआ है। दरअसल बिल के विरोध में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के मार्च को रोकने के कारण प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प हो गई थी। प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी से निकलकर संसद भवन की ओर जाना चाह रहे थे। यूनिवर्सिटी के गेट पर प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के बाद पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई।

छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठियां चलाई। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इसके जवाब में छात्रों ने भी पथराव किया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पहले पुलिस ने पत्थर चलाए और छात्रों ने जवाब में पत्थरबाजी की।

वहीं पुलिस ने कहा कि ‘छात्रों ने जुलूस शुरू किया। हमने बैरिकेड लगाए थे, जिन्हें उन्होंने तोड़ दिया और ऊपर से कूदने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने हमारे ऊपर पत्थर फेंके, जिसके चलते हमें आंसू गैस के गोले छोड़ने को मजबूर होना पड़ा।’

बता दें कि इस बिल पर गुरुवार देर रात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दस्तख्त कर दिए जिसके बाद यह कानून का रूप ले चुका है। इसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थी- हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।

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