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सड़कों पर लोगों को मिठाई खिलाते नजर आए बीजेपी महासचिव, बोले- ममता लागू नहीं करेंगी CAB तो केंद्र करेगा

विजयवर्गीय ने कहा कि "सीमावर्ती राज्य पश्चिम बंगाल घुसपैठियों का हब बन गया है क्योंकि ममता बनर्जी अल्पसंख्यकों को खुश करने की राजनीति कर रही हैं।"

Author Edited By नितिन गौतम कोलकाता | Updated: December 13, 2019 3:32 PM
भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय (पीटीआई फोटो)

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने गुरूवार को कहा कि यदि तृणमूल कांग्रेस की सरकार बंगाल में नागरिकता संशोधन बिल लागू नहीं करती है तो फिर केन्द्र सरकार इसे लागू करेगी। कैलाश विजयवर्गीय ने ये भी कहा कि ममता बनर्जी इसलिए नागरिकता संशोधन बिल का विरोध कर रही हैं, क्योंकि उन्हें अपने अल्पसंख्यक वोट बैंक के खोने का डर है।

कैलाश विजयवर्गीय ने नागरिकता संशोधन बिल पास पर कोलकाता में भाजपा मुख्यालय के बाहर मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। विजयवर्गीय ने कहा कि “सीमावर्ती राज्य पश्चिम बंगाल घुसपैठियों का हब बन गया है क्योंकि ममता बनर्जी अल्पसंख्यकों को खुश करने की राजनीति कर रही हैं। नागरिकता संशोधन बिल हिंदू शरणार्थियों को देश में नागरिकता देने के उद्देश्य से लाया गया है। वह इस बिल का विरोध क्यों कर रही हैं? दरअसल वह अपने अल्पसंख्यकों के वोट बैंक को खोने से डर रही हैं।”

बता दें कि संसद के दोनों सदनों से नागरिकता संशोधन बिल पास हो गया है। इसके साथ ही गुरूवार देर रात केन्द्रीय कानून मंत्री ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि बिल को राष्ट्रपति से भी मंजूरी मिल गई है। ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि टीएमसी साफ करना चाहिए कि वह क्यों हिंदू शरणार्थियों की नागरिकता का विरोध कर रही है। मैं टीएमसी सरकार को चुनौती देता हूं कि वह बिल को लागू ना करके दिखाएं। यदि टीएमसी CAB को लागू नहीं करेगी तो केन्द्र सरकार ऐसा करेगी।

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि बंगाल में मटुआ, राजबंशी, नामशुद्र जैसे समुदायों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, उन सभी को नागरिकता मिलेगी और वह इस देश में आत्मसम्मान के साथ रह सकेंगे। विजयवर्गीय ने ये भी कहा कि राज्य में रहने वाले शरणार्थियों को 100 दिनों में नागरिकता दी जाएगी।

वहीं कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि ना तो ममता बनर्जी और ना ही टीएमसी सरकार को भाजपा से शरणार्थियों के प्रति दयालुता की सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम सभी ने देखा कि किस तरह से भाजपा ने असम में 14 लाख हिंदुओं को एनआरसी के जरिए शरणार्थी बना दिया है।

पार्थ चटर्जी ने कहा कि हम अपने स्टैंड पर अडिग हैं कि एनआरसी और नागरिकता संशोधन बिल भारतीय संविधान के सिद्धांतों के विपरीत हैं। वहीं भाजपा नागरिकता संशोधन बिल को समझाने के लिए जल्द ही लोगों से संपर्क अभियान चला सकती है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हम बिल को लेकर लोगों को गुमराह करने या भड़काने नहीं देंगे। इसलिए हम घर-घर जाकर लोगों को इसके बारे में समझाएंगे।

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