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बेटी बचाओ अभियान के एंबेसडर से हटाई गईं परिणीति चोपड़ा, जामिया के छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध करना पड़ा भारी?

जामिया के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद परिणीति चोपड़ा ने एक ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, ‘‘जब लोग अपने विचार व्यक्त करते हैं तब ही ऐसा होता है। नागरिकता कानून को भूल जाइए। हमें एक बिल पास करना चाहिए और अपने देश को लोकतंत्र नहीं कहना चाहिए। अपने मन की बात कहने पर निर्दोष लोगों की पिटाई असभ्य तरीका है।’’

बॉलीवुड अभिनेत्री परनिति चोपड़ा, फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस

बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा को हरियाणा के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के ब्रैंड एंबेसडर से हटाने की खबर है। बताया जा रहा है कि अंबाला से ताल्लुक रखने वाली परिणीति ने दिल्ली में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का विरोध जताया था, जिसके बाद हरियाणा की खट्टर सरकार ने यह कदम उठाया। ऐसे में हरियाणा कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी पर निशाना साधा, लेकिन भगवा पार्टी ने चुप्पी साध रखी है। अधिकारी न तो यह पुष्टि कर रहे हैं कि परिणीति को हटा दिया गया है और न ही यह बता रहे हैं कि वह अब भी ब्रैंड एंबेसडर हैं। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि परिणीति को हटाने को लेकर कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।

कांग्रेस सांसद ने उठाया मुद्दा: इस मसले को लेकर हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद कुमारी शैलजा ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, ‘‘बीजेपी इस तरह की निचले स्तर की रणनीति से हमारी बेटियों की आवाज नहीं दबा पाएगी।’’ वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘आप उन्हें ब्रैंड एंबेसडर से हटाकर उनकी आवाज नहीं दबा सकते हैं।’’

Hindi News Today, 20 December 2019 LIVE Updates: देश-दुनिया की हर खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक

बीजेपी ने दिया यह जवाब: बीजेपी के हरियाणा प्रवक्ता रमन मलिक ने बताया, ‘‘किसी विशेष कल्याणकारी योजना के लिए नियुक्ति करने या हटाने का विशेषाधिकार सरकार के पास है। ब्रैंड एंबेसडर कोई परमानेंट असाइनमेंट नहीं है। यह संभव है कि गांधी परिवार व कांग्रेस का स्थायी ब्रैंड एंबेसडर हो। जो लोग यह आरोप लगा रहे हैं, वे कांग्रेस के बेरोजगार लोग हैं।’’

सीएम के सलाहकार ने दी यह जानकारी: एक मीडिया रिपोर्ट में हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर के सलाहकार योगेंद्र मलिक के बयान का हवाला दिया गया है। इसमें उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरी जानकारी है, परिणीति चोपड़ा अब हमारी ब्रैंड एंबेसडर नहीं हैं। वह जुलाई 2015 के दौरान गुड़गांव में हुए सिर्फ कार्यक्रम में शामिल हुई थीं, तब सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के ब्रैंड एंबेसडर के रूप में उनके नामांकन की घोषणा की थी।’’

ऐसे पल्ला झाड़ रहे अधिकारी: अडिशनल चीफ सेक्रेटरी (हेल्थ) राजीव अरोड़ा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि यह मामला हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित है। विभाग के डायरेक्टर मनोज कुमार ने कहा कि परिणीति को 2015 में नियुक्त किया गया था, लेकिन मैं नहीं जानता कि उन्होंने कब तक कॉन्टिन्यू किया। जब इस तरह के पद से हटाने की प्रक्रिया पूछी गई तो मनोज कुमार बोले कि सरकार इस तरह के फैसलों का ऐलान करती है। मुझे नहीं पता कि इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी की गई या नहीं।

सीएम के पूर्व मीडिया एडवाइजर ने दिया यह बयान: हरियाणा के सीएम के पूर्व मीडिया एडवाइजर राजीव जैन ने बताया, ‘‘परिणीति बीजेपी सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान में काफी ज्यादा एक्टिव नहीं थीं, लेकिन मैं यह नहीं जानता कि उन्हें इस जिम्मेदारी से कब हटाया गया।’’

परिणीति ने किया था यह ट्वीट: जामिया के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद परिणीति चोपड़ा ने एक ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, ‘‘जब लोग अपने विचार व्यक्त करते हैं तब ही ऐसा होता है। नागरिकता कानून को भूल जाइए। हमें एक बिल पास करना चाहिए और अपने देश को लोकतंत्र नहीं कहना चाहिए। अपने मन की बात कहने पर निर्दोष लोगों की पिटाई असभ्य तरीका है।’’

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