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सीएए के नाम पर राम मंदिर के विरोध में हिंसा फैलाना चाह रहे कट्टर मुसलमान- बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा

भाजपा नेता ने कहा कि असली मकसद ये नहीं है, सीएए केवल बहाना है, राम मंदिर निशाना है क्योंकि जो कट्टर मुसलमान जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत में जो भव्य राम मंदिर बनने जा रहा है, उसके विरोध में इस प्रकार की हिंसा करके देश में अशांति फैलाने की साजिश रच रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता जेवीएल जीवीएल नरसिम्हा राव।

दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भाजपा लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। मंगलवार को भाजपा नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि जो शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं क्या उनमें से किसी एक का इस कानून के कारण नुकसान होने वाला है। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या सीएए के कारण विरोध प्रदर्शन करने वालों में से किसी एक की नागरिकता जाने वाली है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि क्या उनके कोई अधिकार छिनने वाले हैं, ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये केवल बहाना है। उन्होंने कहा कि सीएए, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश से आए हुए अल्पसंख्यक शरणार्थी के लिए है। इनमें से किसी की नागरिकता नहीं जा रही है तो क्यों प्रोटेस्ट कर रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि असली मकसद ये नहीं है, सीएए केवल बहाना है, राम मंदिर निशाना है क्योंकि जो कट्टर मुसलमान जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत में जो भव्य राम मंदिर बनने जा रहा है, उसके विरोध में इस प्रकार की हिंसा करके देश में अशांति फैलाने की साजिश रच रहे हैं। ये नए तरीके से सीएए कानून को बहाना बनाकर ये आंदोलन कर रहे हैं। सीएए से उनका कुछ लेना देना नहीं है। शाहीन बाग में क्यों बैठे हैं भाई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आप पाकिस्तान से आए हैं। भाजपा नेता ने कहा कि मैं उनसे पूछना चाहता हूं, जो शाहीन बाग में बैठे हैं, ये पाकिस्तान से आए हुए मुसलमान हैं क्या। यदि आप नहीं हैं तो क्यों बैठे हैं। आपकी कुछ नागरिकता नहीं जा रही है।

इससे पहले मंगलवार को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंगलवार को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनसे प्रदर्शन खत्म करने की अपील की। उपराज्यपाल ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से कहा कि इससे स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि आठ सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने संशोधित नागरिकता कानून को वापस लिए जाने समेत कई मांगों का एक ज्ञापन उप राज्यपाल को सौंपा। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के निकट और शाहीन बाग में पिछले करीब एक महीने से हजारों लोग सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

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