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CAA: जामिया ने HRD को भेजा 2.66 करोड़ का बिल, दिल्ली पुलिस ने सरकारी संपत्ति तोड़ी

Jamia CAA NRC NPR Protest violence: पिछले कुछ दिनों में जामिया के सीसीटीवी फुटेज से कई वीडियो क्लिप जारी किए गए हैं। इसमें पुलिसकर्मी छात्रों पर लाठियों से प्रहार करते दिख रहे हैं।

Author Edited By रवि रंजन नई दिल्ली | Updated: February 19, 2020 7:29 AM
जामिया लाइब्रेरी के अंदर छात्रों के साथ मारपीट करते हुए पुलिस का वीडियो सामने आया है। (Source: Twitter @Jamia_JCC)

Jamia CAA NRC NPR Protest violence: जामिया विश्वविद्यालय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) को 2.66 करोड़ का बिल सौंपा है। सौंपे गए बिल के अनुसार, जामिया मिलिया इस्लामिया में पिछले साल 15 दिसंबर को परिसर के अंदर दिल्ली पुलिस कार्रवाई के दौरान 2.66 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था। इसमें 25 सीसीटीवी कैमरा के नुकसान को भी शामिल किया गया है, जिसकी कीमत 4.75 लाख है।

पिछले कुछ दिनों में जामिया के सीसीटीवी फुटेज से कई वीडियो क्लिप जारी किए गए हैं। इसमें पुलिसकर्मी छात्रों पर लाठियों से प्रहार करते दिख रहे हैं। साथ ही वीडियो में विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान होता हुआ भी दिख रहा है। इन वीडियो में दिख रहा है कि लाइब्रेरी में लगे सीसीटीवी कैमरों पर भी हाथ से मारा जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि कुछ वीडियो एडिट किए गए हैं और वे अभी भी अपनी प्रामाणिकता को सुनिश्चित कर रहे हैं।

जामिया द्वारा दिए गए बिल के अनुसार, हिंसा में 2,66,16,390 रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। विश्वविद्यालय ने कहा है कि क्षति “दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के कारण 15 दिसंबर, 2019 को हुई”। विश्वविद्यालय ने यह भी कहा है कि सुरक्षाकर्मियों ने बिना अनुमति के प्रवेश किया। वहीं पुलिस ने कहा कि वे “दंगाइयों” की खोज में थे और इसके लिए परिसर में प्रवेश किया।

हिंसा के कुछ ही दिनों बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि लगभग 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है और आगे भी इसका आकलन किया जाएगा। लाइब्रेरियन तारिक अशरफ ने तब कहा था, “लाइब्रेरी में सबसे ज्यादा नुकसान कांच के शीशे टूटने के कारण होता है। क्षतिग्रस्त हुई कुछ अन्य चीजें सीसीटीवी कैमरे और ट्यूबलाइट आदि हैं, लेकिन शुक्र है कि किसी किताब या पांडुलिपियों को नहीं छुआ गया।”

एक विस्तृत ब्यौरे से बताता है कि पुस्तकालय के सामान, दरवाजे, खिड़की के शीशे, एसी, इलेक्ट्रिसिटी सिस्टम, कुर्सियां, मेज, लाइट और शीशे क्षतिग्रस्त हो गए थे। विश्वविद्यालय के अनुमान के अनुसार, 55 लाख रुपये के उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि पुस्तकालय के बाहर कांच के शीशे की मरम्मत की गई थी, लेकिन अंदर कोई मरम्मत नहीं किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि क्षतिग्रस्त संपत्ति को जांच के लिए छोड़ दिया गया है। साथ ही अधिकारियों ने यह भी कहा कि अभी तक इसके लिए कोई मुआवजा नहीं मिला है।

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